सरकार ने शेल्फ-लाइफ की चिंताओं का हवाला देते हुए PM गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत चावल फोर्टिफिकेशन को कुछ समय के लिए बंद कर दिया है। सरकार ने सप्लाई इसलिए रोकी है क्योंकि उसके स्टोरेज टाइम और गुणवत्ता को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। अब इसकी समीक्षा की जा रही है। फोर्टिफाइड चावल वह चावल है जिसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इसका उद्देश्य कुपोषण और एनीमिया कम करना था, खासकर गरीब और ग्रामीण आबादी में। फोर्टिफाइड चावल में मिलाए गए पोषक तत्व समय के साथ खराब हो सकते हैं। अगर यह लंबे समय तक गोदामों में रखा रहे तो इसकी पोषण गुणवत्ता घट सकती है। साथ ही स्वाद और रंग में बदलाव आ सकता है। यह प्रोग्राम 2019 में पायलट के तौर पर शुरू किया गया था। शुरुआत में खास ज़िलों को टारगेट किया गया था। इसे फेज में बढ़ाया गया। मार्च 2022 तक ICDS और PM POSHAN को कवर किया गया, मार्च 2023 तक PDS के तहत ज़्यादा बोझ वाले 291 ज़िलों तक पहुंच गया, और मार्च 2024 तक पूरे देश में रोलआउट किया गया। आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने अप्रैल 2022 में सभी स्कीमों में पूरी तरह से लागू करने की मंज़ूरी दी थी। आज की बाकी बड़ी खबरें… शिलॉन्ग के असम रेजिमेंट सेंटर में दो अग्निवीरों की मौत, दावा- संदिग्ध मेनिंगोकोकल संक्रमण था
मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में असम रेजिमेंट सेंटर (एआरसी) में दो अग्निवीर ट्रेनी की संदिग्ध मेनिंगोकोकल बैक्टीरियल संक्रमण से मौत हो गई। जबकि 28 अन्य ट्रेनी युवाओं को मिलिट्री हॉस्पिटल में निगरानी में रखा गया है। पहली मौत पिछले सप्ताह हुई, जबकि दूसरी सोमवार (23 फरवरी) को। दोनों ट्रेनी शिलॉन्ग के हैप्पी वैली स्थित एआरसी में ट्रेनिंग ले रहे थे। तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, गर्दन में अकड़न और त्वचा पर रैशेज दिखने के बाद उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। संक्रमण इतनी तेजी से बढ़ा कि इलाज से पहले ही दोनों की मौत हो गई। आर्मी ने तुरंत कंटेनमेंट शुरू किया है। स्थिति गंभीर होती देख मेघालय सरकार ने शुक्रवार को एडवायजरी जारी कर पूरे राज्य को हाई अलर्ट पर रखा है।


