डूंगरपुर। नगरपरिषद के वर्तमान बोर्ड की अंतिम बैठक रविवार को नगर परिषद के सभागार में हुई। बैठक में गीले-शिकवे और आरोप प्रत्यारोप की बौछारें होती रही। कुछ पार्षदों ने सड़क, बिजली और रूडीप के कामों को लेकर शिकायत की। वही नेता प्रतिपक्ष महालक्ष्मी कोटडिय़ा ने कहा कि पिछले पांच साल से जमीन के बदले जमीन के लिए नगर परिषद में आते आते जूते घिस गए पर आज तक काम नहीं हुआ। मैंने अपना बोर्ड समझा था पर इसमें मेरा ही काम नहीं हुआ। पार्षद नितिन चौबीसा और सभापति के बीच भी आरोप प्रत्यारोप हुए। । पार्षद ने कहा कि पिछले पांच साल में क्या विकास काम हुए, इसकी प्रतिलिपि उपलब्ध करवाए इस पर सभापति ने कहा कि आप बैठ जाए। इस पर पार्षद ने कहा कि पांच साल में बोर्ड एक ट्रेक्टर तक नहीं खरीद सका और पार्षद को बोलने भी नहीं दिया जाता है। बोर्ड बैठक में ऑडिट रिपोर्ट, कर्मचारियों का जीपीएफ लागू करने, राजपुर स्लॉटर हाउस पर पुस्तकालय व सामुदायिक भवन की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति और विक्रय भूखंड के बदले अन्य समतुल्य भूखंड के आवंटन सहित अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की गई जिसका सभी ने अनुमोदन किया। उपसभापति सुदर्शन जैन कहा कि पांच साल के विकास कामों की विकास पुस्तिका बनाई जाएगी। Q: शॉपिंग मॉल को लेकर आप पर कई आरोप लग रहे हैं? A : इसको लेकर कोई इश्यू नहीं है, हमने चार चार बार इसको लेकर प्रस्ताव लिए हैं। ये मॉल खण्डर हो रहा था। हमने एक एक दुकान को बेचने के लिए प्रयास किए पर कोई आया नहीं, इसके बाद एक साथ बेचने के लिए प्रस्ताव लिए और कलेक्टर के प्रतिनिधि की उपस्थिति इसको जांच करके हमने बेचा है। Q : पर्यटन को लेकर पहली बोर्ड बैठक में घोषणा की थी ? A: हमने परिषद की पहली बोर्ड बैठक में शहर में शिल्पग्राम को लेकर घोषणा की थी। इसको सरकार ने बजट में ले लिया और उसके लिए गुमानपुरा में जमीन भी आवंटित हो गई है। इसकी कार्यकारी एजेंसी नगर परिषद रहेगी। Q: अटल विहार योजना का क्या होगा? A: निश्चित रूप से ये हमारी महत्त्वकांक्षी योजना है। इस योजना का काम पूरा हो गया था पर कुछ लोग इसको लेकर कोर्ट में चले गए हैं। हमारे वकील इसके लिए जवाब दे रहे हैं। जल्द ही हमारे पक्ष में रिजल्ट आएगा।


