भिंड जिला अस्पताल की अव्यवस्थाएं कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के निरीक्षण के दौरान उजागर हो गईं। मरीजों को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं से लेकर स्पेशल वार्ड की व्यवस्था तक में गंभीर खामियां पाई गईं। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया और जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान ओपीडी, ट्रॉमा सेंटर, महिला वार्ड, आई वार्ड और स्पेशल वार्ड देखा। उन्होंने पाया कि अधिकांश स्पेशल वार्डों के दरवाजों पर ताले लगे थे। मरीज और उनके परिजन इन वार्डों की सुविधाओं और दरों की जानकारी से पूरी तरह अनभिज्ञ थे। इस लापरवाही पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन डॉ. आरएन राजौरिया को निर्देश दिए कि प्रत्येक वार्ड में रेट सूची प्रदर्शित की जाए ताकि मरीजों को सुविधा का लाभ मिल सके। डॉक्टरों की गैरहाजिरी पर फटकार
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के आरएमओ डॉ. आरएस कुशवाह और नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रविकांत जैन की गैरमौजूदगी ने कलेक्टर को नाराज कर दिया। इन डॉक्टरों के निजी क्लिनिक खुले मिले। कलेक्टर ने दोनों क्लीनिक पर ताले लगवाकर चाबियां सिविल सर्जन को सौंप दीं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए निजी क्लिनिक का संचालन अनुचित है और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोटिस थमाए
तीन डॉक्टर निरीक्षण के दौरान अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि इनमें से एक डॉक्टर की नाइट ड्यूटी थी, जबकि अन्य दो अलग स्थानों पर तैनात थे। कलेक्टर ने पहले दिए गए नोटिस के जवाब मांगे और अनुपस्थिति पर कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए। सिविल सर्जन डॉ. आरएन राजौरिया ने कहा, कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार, सभी वार्डों में स्पेशल वार्ड की रेट सूची लगाई जाएगी। निजी क्लीनिक की चाबियां मुझे सौंप दी गई हैं और आगे की कार्रवाई शासन के निर्देशानुसार की जाएगी।


