भिंड के चर्चित 11 वर्षीय आर्यन शर्मा हत्याकांड में पुलिस ने शुक्रवार को फैसला सुना दिया। जज मनोज कुमार ने सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी को आजीवन और पांच आरोपियों को साजिश में शामिल होने व साक्ष्य छिपाने पर 7-7 साल के लिए जेल भेज दिया। बता दें कि कोतवाली थाना क्षेत्र में नवंबर 2022 में श्रीराम नगर निवासी आर्यन शर्मा पिता धीरेंद्र शर्मा घर से बाहर खेलने के लिए निकला था। उसी दौरान स्कूल संचालक पवन शर्मा ने उसे चॉकलेट का लालच दिया और अपने स्कूल बुलाया। पवन शर्मा पर 15-20 लाख रुपए का कर्ज था और उसने इस कर्ज को चुकाने के लिए आर्यन का अपहरण कर फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। हालांकि, उसकी योजना सफल नहीं हो पाई और पवन ने आर्यन का गला दबाकर हत्या कर दी थी। शव को स्कूल की छत से बगल के खाली प्लॉट में फेंक दिया था। हत्याकांड में शामिल अन्य आरोपी
पवन शर्मा के साथ इस अपराध में पांच अन्य लोग भी शामिल थे। इनमें दीपू(साला), दोस्त शैलेष, रिश्तेदार विश्राम शर्मा, और कथित पत्रकार मधुर कटारे शामिल थे। पुलिस ने घटना के कुछ समय बाद ही इन सभी को गिरफ्तार कर लिया था। सभी के खिलाफ ठोस सबूत और गवाह अदालत में पेश किए गए। मामले की सुनवाई दो साल तक चली। न्यायाधीश ने मुख्य आरोपी पवन शर्मा को आजीवन कारावास व अन्य को सात-सात की सजा सुनाई। मुख्य आरोपी को 2 लाख 60 हजार और शेष पांच आरोपियों पर एक-एक लाख रुपए का अर्थ दंड भी लगाया है। लीगल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मामले में मुख्य आरोपी और अपराध में शामिल होने और साक्ष्य छिपाने पर पांच आरोपियों को साथ-साथ साल की सजा सुनाई गई है। पहले 7 साल पूरे होने पर दूसरे 7 साल की सजा पूरी करनी होगी।


