‘भीड़ ने घर जलाए, तोड़फोड़ की…अलमारी से रुपए ले गए’:सिहोरा में मुस्लिमों का आरोप- रात में ही सड़क साफ करा दी, टूटे मीटर भी सुधारे

19 फरवरी… दिन गुरुवार… समय रात 9 बजे। स्थान- जबलपुर से 40 किमी दूर सिहोरा। यहां के आजाद चौक के दुर्गा मंदिर में आरती और ठीक सामने मस्जिद में तरावीह (रमजान की विशेष नमाज) चल रही थी। इसी दौरान लाउडस्पीकर को लेकर दो पक्षों में विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस से शुरू हुआ मामला पत्थरबाजी में बदल गया। भीड़ ने दुर्गा मंदिर की ग्रिल तोड़ दी। दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। मंदिर समिति की शिकायत के मुताबिक, मस्जिद की ओर से करीब 70 लोग आए। एक युवक को मंदिर से बाहर घसीटा। अपशब्द कहे। उससे मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही जबलपुर के चार थानों की पुलिस पहुंची और काफी हद तक स्थिति पर काबू पा लिया गया, लेकिन अगले दिन फिर तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस के पहुंचने से पहले सिहोरा में काफी कुछ घटित हो चुका था। घटना की अगली सुबह शुक्रवार को दैनिक भास्कर की टीम मौके पर मौजूद रही। टीम ने दोनों पक्षों से बातचीत की। हिंदू पक्ष का कहना है कि पत्थरबाजी की शुरुआत दूसरी ओर से हुई, जबकि मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद उनके घरों में आग लगाई गई, जमकर तोड़फोड़ की गई और अलमारियों में रखे रुपए निकाल लिए गए। घटना स्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित मुस्लिम बस्ती के लोगों ने वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि रात में ही नगर पालिका के कर्मचारियों से सफाई कराई गई और टूटे मीटर तक ठीक कर दिए गए, ताकि मौके पर कोई सबूत न बचे। वहीं, पुलिस का कहना है कि जिनके भी साथ घटना घटी है, वे साक्ष्यों के साथ थाने आकर रिपोर्ट कराएं। पुलिस कार्रवाई करेगी। पढ़िए यह रिपोर्ट… सड़क पर हनुमान चालीसा, कुछ ही दूरी पर 50 से ज्यादा मुस्लिम सिहोरा में शुक्रवार सुबह 8 बजे से हिंदू संगठनों की भीड़ जुटने लगी। 11 बजते-बजते सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ता इकट्‌ठा हो गए। मौके पर 12 थानों और एसटीएफ के करीब 300 जवान मौजूद रहे। शहर की ज्यादातर दुकानें बंद रहीं। 11.30 पर हिंदू संगठनों ने एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि 24 घंटे के अंदर मस्जिद पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए। साथ ही नमाज भी पढ़ने से राेका जाए। ज्ञापन देने के बाद हिंदू संगठन नारेबाजी करते हुए थाने के बाहर बस स्टैंड की मुख्य सड़क पर पहुंच गए। यहां सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। दूसरी ओर मुख्य सड़क पर ही करीब 300 मीटर दूर 50 से ज्यादा मुस्लिम युवक इकट्ठे दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इसी बीच हिंदू संगठनों के कुछ लोगों ने बस स्टैंड पर मुस्लिमों के फलों के ठेले पलटा दिए। उनमें तोड़-फोड़ की। पुलिस ने उन्हें भी खदेड़ा। भीड़ थोड़ा कम हुई। इसके करीब 4 घंटे बाद शाम 4 बजे तक हिन्दू संगठनों के लोग सड़क पर मौजूद रहे। नारेबाजी चलती रही। शाम 4 बजे पुलिस ने सड़कें खाली करा दीं। कुछ ही लोग दिखाई दे रहे थे। दुर्गा मंदिर की ग्रिल तोड़ी, एक व्यक्ति को घसीटा आजाद चौक में आमने-सामने बने मंदिर और मस्जिद दोनों पूरी तरह बंद रहे। यहां कर्फ्यू जैसा माहौल नजर आया। सड़क पर कोई आम नागरिक मौजूद नहीं था। भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर के पास मौजूद आकाश तिवारी ने बताया कि मंदिर में आरती के दौरान कुछ लोग आए और बहस करने लगे। उन्होंने मंदिर में मौजूद एक युवक के साथ मारपीट की और मंदिर की ग्रिल तोड़ दी। इसके बाद विवाद बढ़ा तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। आगे बढ़ने से पहले ये तस्वीरें देखिए नमाज पढ़कर लौटे थे, बाद में हिंसा भड़क गई घटना स्थल से करीब 800 मीटर की दूरी पर एक मुस्लिम बस्ती है। जब हम वहां पहुंचे तो देखा कि कारों समेत कई घरों में तोड़फोड़ की गई थी। एक घर में आगजनी भी हुई थी। सबसे पहले हमारी बातचीत वासिद अली से हुई। वासिद अली ने बताया कि वे रोजे से थे। शाम करीब 7 बजे मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट आए थे। करीब ढाई घंटे बाद वार्ड नंबर 5 के आजाद चौक में हिंसा भड़क गई। कुछ ही देर में वहां से हिंदू संगठन के लोग वार्ड नंबर 4 में आ गए, यानी हमारे घरों वाली गली में पहुंच गए। वे गाली-गलौज और नारेबाजी कर रहे थे। सबसे पहले उन्होंने तलवार से गली की शुरुआत में खड़ी एक कार का कांच तोड़ा। नलों की सप्लाई काटी। दरवाजों पर तलवारों से हमला किया। बिजली के तार काटे और मीटर तोड़ दिए। इसके बाद उन्होंने एक दरवाजे का ताला तोड़ा और अंदर आग लगा दी। आगे बढ़ते हुए उन्होंने फायरिंग भी की। मेरे घर में हिंदू किराएदार, फिर भी की तोड़-फोड़ आगे बढ़ने पर इब्राहिम शाह का घर दिखाई दिया। इस घर में भी अंदर तक तोड़-फोड़ नजर आ रही थी। इब्राहिम शाह ने बताया कि लोग मुंह पर कपड़ा बांधे हुए थे। इतनी तेजी से आगे बढ़ रहे थे कि किसी को कुछ कहने का मौका ही नहीं मिला। उनके हाथों में तलवार और फरसा थे। उन्होंने फायरिंग भी की। मेरे घर के दरवाजे तोड़े गए। लूटपाट की गई। हमलावर घर के शुरुआती दो कमरों में घुस गए थे। अंदर वाले कमरे का लोहे का दरवाजा बंद कर वे ऊपर भागे, तभी हमारी जान बच सकी। मेरे घर में एक हिंदू किराएदार रहती हैं, जिन्हें वे मां समान मानते हैं, इसके बावजूद हमारे साथ यह घटना हुई। घर के अंदर लोहे की अलमारी तोड़ कर लूटे पैसे थोड़ा आगे बढ़ने पर एक और घर दिखाई दिया, जिसमें अंदर तक तोड़फोड़ की गई थी। यहां हसीना बीसा नाम की महिला ने रोते हुए बताया कि मुंह में कपड़ा बांधकर कई लोग आए। वे लगातार गाली-गलौज कर रहे थे। उन्होंने शटर में तोड़फोड़ की। उस समय घर में मैं और मेरा छोटा बेटा था। डर के कारण मैंने घर पर ताला लगाया और भागकर जेठ के घर चली गई। इसके बाद आरोपियों ने मेरे मकान की सांकल तोड़ी। अंदर घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। सबसे अंदर वाले कमरे में रखी अलमारी तोड़कर पैसे लूट ले गए। हमने करीब 50 हजार रुपए जोड़कर रखे थे, जो दुकान की पगड़ी के थे। वे घर में आग लगाने की धमकी भी दे रहे थे। अरशद खान ने कहा- 49 में कई बेगुनाहों को पकड़ा इधर, स्थानीय पार्षद सबा बानो के पति अरशद खान का कहना है कि 2 दिन पहले दोनों पक्षों ने बैठकर आरती का समय रात 10 बजे तय किया था। रात 10 बजे तक मुस्लिम समाज की तरावीह समाप्त हो जाती है, इसलिए आपसी सहमति से समय निर्धारित किया गया था। इसके बावजूद गुरुवार को आरती 9:30 बजे शुरू हो गई, जिससे लोगों के बीच कहासुनी हुई और विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लाउडस्पीकर से आपत्ति थी तो कानून की मदद ली जानी चाहिए थी। दोनों पक्षों को समझदारी दिखानी थी। पत्थरबाजी दोनों ओर से हुई है, जिनके चेहरे सामने आए हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने कहा- थाने आएंगे तो FIR दर्ज करेंगे एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा का कहना है कि हमने जिन 49 आरोपियों को हिरासत में लिया था, उन्हें JMFC कोर्ट में पेश कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल भेज दिया है। मुस्लिम घरों में तोड़फोड़ वाले सवाल पर उन्होंने कहा कि जिनके साथ भी घटना घटी है, वे स्वतंत्र हैं, थाने आएंगे तो उनकी शिकायत पर FIR दर्ज की जाएगी, अगर चिह्नित आरोपी होंगे तो नामजद लिखा जाएगा। नहीं तो सीसीटीवी फुटेज और अन्य चश्मदीदों के बयान लिए जाएंगे। ये खबरें भी पढ़ें… 1. डर के बीच सिहोरा में हुई 5वीं-8वीं की परीक्षा जबलपुर के सिहोरा में गुरुवार रात मंदिर में आरती के दौरान शुरू हुआ विवाद दो पक्षों के तनाव में बदल गया, जिसका असर शुक्रवार शाम तक बना रहा। स्थिति संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया और हंगामा शांत कराया गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. जबलपुर के पास आरती-अजान के विवाद में बवाल मध्यप्रदेश के जबलपुर से करीब 40 किमी दूर सिहोरा तहसील में गुरुवार रात दुर्गा मंदिर और मस्जिद के बीच आरती-अजान को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और मारपीट के बाद इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। पढ़ें पूरी खबर…

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