भीलवाड़ा में अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ व्यापारी सड़कों पर उतर आए हैं। पूर्व लोकसभा प्रत्याशी राजेश पाटनी ने कार्रवाई का विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। व्यापारियों का आरोप है कि अतिक्रमण हटाने के नाम पर दुकानों के बाहर बने पक्के निर्माण को तोड़ा जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि निर्माण सीढ़ियों और रैंप को तोड़ा गया तो दुकान में ग्राहकों की आवाजाही पर असर पड़ेगा। बड़ी संख्या में व्यापारी मंगलवार को बाजार में इकट्ठा हुए। फिर रैली के रूप में जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर को ज्ञापन देकर उचित कार्रवाई करने की मांग की। व्यापारियों का कहना है- बाजार अभी सुस्त है, और ऐसे में अतिक्रमण के नाम पर पूरे शहर को अस्त व्यस्त कर दिया गया है। पहले एक एरिया में अतिक्रमण की कार्रवाई की जानी चाहिए, फिर उस एरिया में रिपेयरिंग वर्क होना चाहिए, उसके बाद आगे बढ़ना चाहिए। लेकिन नगर निगम के अधिकारी मनमाने तरीके से शहर के हर बाजार में निकल रहे हैं और लगातार कार्रवाई कर रहे हैं। देखिए- कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें व्यापारी बोले- कार्रवाई के नाम पर परेशान कर रहे
सदर बाजार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर निगम द्वारा लगातार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के नाम पर व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। जिन व्यापारियों ने अतिक्रमण किया है, उन एरिया में कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन निगम के अधिकारी जेसीबी लेकर हर बाजार हर दुकान पर पहुंच रहे हैं और उनके बाहर बनी सीढ़ियों को हटा रहे हैं, रैंप को तोड़ रहे हैं। पूरे शहर में इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है और इससे व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। पीसीसी मेंबर मनोज पालीवाल ने बताया कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने का अभियान चला रहा है, अच्छा है।जिन क्षेत्रों में अतिक्रमण है उन क्षेत्रों से अतिक्रमण को हटाया जाए अतिक्रमण हटाने के नाम पर व्यापारियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए, व्यापारी खौफ में है और वैसे भी बाजार काफी ठंडा है ग्राहकी काफी कम है ऐसे मे अतिक्रमण के नाम पर पक्का निर्माण ओर सीढ़ियां तोड़ना को तोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अतिक्रमण किया, उनको तोड़ा जाए। लेकिन पक्के निर्माण और दुकानों के बाहर बनी सीढ़ियों और रैंप को नहीं तोड़ना चाहिए और व्यापारियों को राहत देनी चाहिए। इस दौरान बड़ी संख्या में सदर बाजार के व्यापारी इकट्ठा हुए नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के बाद जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंप उचित कार्रवाई की मांग की। हालांकि नगर निगम की कार्रवाई आज शहर के मुख्य बाजारों में जारी रही।


