राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों ने सोमवार देर रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी, जिसका असर भीलवाड़ा में साफ दिखाई दे रहा है। हड़ताल के चलते जिले में करीब 1800 निजी बसों का संचालन बंद रहा और चार लाख से ज्यादा यात्री प्रभावित हुए। कई रूट पर एक भी रोडवेज बस उपलब्ध नहीं रही, जिससे यात्रियों को यात्रा रद्द करनी पड़ी या निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा। बस स्टैंड सूने, यात्री परेशान हड़ताल के कारण भीलवाड़ा के प्राइवेट बस स्टैंड खाली नजर आए। लोग यात्रा के लिए बस स्टैंड पहुंचे, लेकिन बसें नहीं चलने से उन्हें अपनी यात्रा कैंसिल करनी पड़ी। कुछ लोग निजी वाहनों से रवाना हुए। माल का लदान करने आए व्यापारी भी परेशान नजर आए। करीब 4 लाख यात्री प्रभावित बस ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रदेश प्रवक्ता जगदीश चंद्र ओझा ने बताया कि रात 12 बजे के बाद प्रदेश में कोई भी निजी बस संचालित नहीं हुई। भीलवाड़ा में करीब 1800 बसें बंद रहीं, जिससे लगभग 4 लाख यात्री प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस हड़ताल में लोक परिवहन, स्कूल बस और फैक्ट्री बसें जो अनुबंध पर लगी थीं, वे भी बंद रहीं। जिन स्कूलों और फर्मों के पास खुद की बसें हैं, उन पर इसका असर नहीं पड़ा। वार्ता में सहमति नहीं बनी ओझा ने बताया कि 11 फरवरी को जयपुर में विभिन्न संगठनों का महागठबंधन बनाकर 16 फरवरी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में भी सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद हड़ताल का निर्णय लिया गया। इधर हड़ताल को लेकर रोडवेज ने कोई अतिरिक्त बसें नहीं लगाई वहीं टैक्सी यूनियन ने हड़ताल को समर्थन दिया है। ट्रेवल्स एसोसिएशन ने किया चक्का जाम हड़ताल के समर्थन में ट्रेवल्स एसोसिएशन ने चक्का जाम कर विरोध जताया। ये रूट हुए प्रभावित रोडवेज बसों में बढ़ी भीड़ निजी बसें बंद होने के कारण रोडवेज बसों पर यात्री भार बढ़ गया। बसों में अतिरिक्त भीड़ देखी गई।


