भीलवाड़ा में सहकारी समिति कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी:बोले- 5 साल से न कैडर बना, न वेतन मिल रहा; किसानों को हो रही परेशानी

सहकारी समितियों के व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक और कार्मिक कैडर बनाने और वेतन देने समेत कई मांगों को लेकर 27 फरवरी से कार्य बहिष्कार पर हैं। भीलवाड़ा जिले की 407 ग्राम सेवा सहकारी समितियां ओर उनमें काम करने वाले करीब 754 समिति कार्मिक भी आंदोलन में शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बजट से उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने भी निराश किया। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति जयपुर की ओर से समिति व्यवस्थापक कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। भीलवाड़ा में भी गुरुवार को महावीर पार्क में प्रदर्शन किया गया और मीटिंग की गई। मांग पर अभी तक सुनवाई नहीं समिति सदस्यों ने कहा- हमने पहले भी सरकार के सामने मांगें रखी थी, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। अगर सरकार ने मांगें नहीं मानी तो बड़ा आंदोलन करेंगे। कार्य बहिष्कार भी जारी रहेगा। सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण तिवारी ने बताया- राजस्थान संयुक्त संघर्ष समिति जयपुर के आह्वान पर हमीरगढ़ शाखा और भीलवाड़ा ब्रांच के सभी साथियों ने गुरुवार को मीटिंग की। हम 27 फरवरी से कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। मीटिंग में तय किया है कि कार्य बहिष्कार को आगे बढ़ाएंगे। कैडर गठन-वेतन की मांग मीटिंग के दौरान व्यवस्थापकों का कैडर गठन करने, चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने, 5 साल से अटका वेतन दिलाने की मांग की गई। सदस्यों ने बताया- सरकार ने लिखित आश्वासन दिया था। लेकिन विधानसभा में बजट घोषणा में इस आश्वासन पर किसी प्रकार की चर्चा नहीं की गई। यह अन्यायपूर्ण है। समितियां सहकारिता की रीढ़ हैं। फिर भी इनके व्यवस्थापकों की होली बेरंग रही। कार्य बहिष्कार से अटके किसानों के काम भीलवाड़ा जिले में 407 ग्राम सेवा सहकारी समितियां और 754 समिति कार्मिक व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक कार्य बहिष्कार में शामिल हैं। ऐसे में किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों को समय पर खाद, बीज और अल्पकालीन फसली ऋण मिलने में परेशानी हो रही है। सहकारिता मंत्रालय भारत सरकार की पैक्स कंप्यूटराइजेशन योजना का काम भी बंद पड़ा है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *