साल 2024 आज जाने वाला है और 2025 आने वाला है। राजनीति, क्राइम या सोशल मूवमेंट भीलवाड़ा की कुछ घटनाओं ने प्रदेश भर को हिला कर रख दिया। इस साल के कुछ महीने और तारीख भीलवाड़ा के लोग नहीं भूल पाएंगे। 2024 कई घटनाओं को लेकर वस्त्र नगरी भीलवाड़ा में अपनी छाप छोड़कर जा रहा है। आइए इन घटनाओं को रिकॉल करते हैं.. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने की हनुमंत कथा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री 6 से 10 नवंबर तक हनुमंत कथा के लिए भीलवाड़ा पहुंचे।हनुमत कथा के तीसरे दिन उन्होंने दिव्य दरबार लगाया। कई श्रद्धालुओं की अर्जी स्वीकारी।उन्होंने शहर के सफाई मित्रों को बुलाकर महाआरती करवा कर समानता का संदेश दिया। मंच से उन्होंने अपनी गरीबी किस्से और गरीबों की पीड़ा को बताया। इस दौरान कई बार उनकी आखों से आंसू छलके और धर्म सभा मौजूद लोगों की भी आंखें नम हुईं। पथराव के बाद हुआ तनाव जलझूलनी एकादशी के अवसर पर शोभायात्रा पर पथराव हुआ। घटना ने बड़ा रूप लिया।पथराव के बाद संगठनों के आह्वान पर कस्बा 16 सितंबर तक बंद रहा।1 अक्टूबर को महापड़ाव के बाद गिरफ्तारी हुई। लोगों ने बाजार बंद करवाएं।17 नवंबर को महिलाओं ने आक्रोश मार्च निकाला, थाने का घेराव किया गया, पुलिस पर चूड़ियां फेंकी और विरोध प्रदर्शन किया। 20 नवंबर को कार्रवाई के आश्वासन के बाद आंदोलन को स्थगित किया। शाहपुरा का जिला दर्जा हुआ समाप्त साल का अंतिम महीना शाहपुरा के लिए गम का माहौल लेकर आया। पिछले साल शाहपुरा को जिला बनाया तो लोगों में खुशी की लहर थी। डेढ़ साल बाद ही शाहपुरा जिला खत्म करने से लोगों में उदासी का माहौल हो गया। शाहपुरा के जिला समाप्त होने की घोषणा के बाद शाहपुरा नगरवासियों और कांग्रेस ने विरोध किया। फंदे पर मिला पूर्व विधायक का शव मांडलगढ़ के पूर्व विधायक और कांग्रेस के नेता विवेक धाकड़ ने ( 47) का शव 4 अप्रैल को उनके सुभाष नगर मकान में फांसी के फंदे एसई झूलता मिला। उनके हाथों की नस ब्लेड से कटी हुई थी। उनकी मौत के पीछे पारिवारिक कलह बताई गई ।उनके कमरे से एक सुसाइड नोट मिला भी जिसमें पारिवारिक विवाद का हवाला दिया गया। घर की लड़ाई खुलकर बाजार में आई विवेक की पत्नी और पिता ने एक दूसरे पर कई आरोप प्रत्यारोप लगाए। साल समाप्त हो चुका है लेकिन विवेक की मौत आज भी मिस्ट्री बनी हुई है। धीरज गुर्जर बोले- मेरा जूता बात करेगा गुर्जर लिखी गाड़ियां पकड़ी तो मेरा जूता बात करेगा। 13 सितंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ने पुलिस को यह धमकी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस के अधिकारियों द्वारा मेरे जाति के लोगों को टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने कहा था- पुलिस वाले कहते हैं कि किसी भी बाइक के पीछे अगर गुर्जर लिखा हो तो उसे थाने में पकड़ कर बंद कर दो। अगर गुर्जर लिखी गाड़ी पकड़ी तो मेरा जूता बात करेगा। जानकीलाल भांड को बहरूपिया कला के लिए मिला पद्मश्री बहरूपिया कला को विश्व स्तर पर ले जाने और एक विशेष पहचान बनाने के लिए भीलवाड़ा के बहरूपिया कलाकार जानकी लाल भांड को 22 अप्रैल को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा। पद्मश्री जानकी लाल देश-विदेश में अपनी बहरूपिया कला का लोहा मनवाया। उन्होंने कई रूप धरकर बहरूपिया कला को जीवित रखा। भीलवाड़ा ने बहरूपिया बाबा का पलक पावड़े बिछाकर स्वागत किया । निर्दलीय विधायक ने बीजेपी मेंबरशिप का फार्म भरा भीलवाड़ा से निर्दलीय विधायक अशोक कोठारी लगातार भाजपा में आने के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने बीजेपी का ऑनलाइन मेंबरशिप फॉर्म भर दिया और उसे अपने सोशल मीडिया पेज से वायरल भी कर दिया, बाद में प्रदेश अध्यक्ष राठौर ने यह कहकर किनारा कर लिया कि कोई भी व्यक्ति मात्र फॉर्म भरकर भाजपा का मेंबर नहीं बन सकता। उनके मेंबरशिप फॉर्म भरने के बाद उनकी विधायकी की पर भी सवालिया निशान लग गए थे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने एक शिकायत विधानसभा अध्यक्ष को उनकी विधायकी समाप्त करने को लेकर की थी। धार्मिक स्थल के बाहर पशु अवशेष मिलने से मचा हड़कंप 25 अगस्त को एकदम धर्म स्थल के बाहर पशु अवशेष मिलने के बाद भीलवाड़ा शहर में बवाल मच गया। लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सांसद विधायक और संतों ने सड़क पर उतरकर घटना की निंदा की। भीलवाड़ा के बाजार बंद हुए पुलिस ने इस मामले में एक मंदबुद्धि व्यक्ति सहित दो साजिश कर्ताओं को गिरफ्तार कर घटनाक्रम का पटाक्षेप किया। पार्षद के पति पर हमला के बाद उपजा विवाद भीलवाड़ा में पार्षद पति पर उनकी चाय की दुकान के बाहर पटाखे फोड़ने में उपजे विवाद के बाद कुछ लोगों ने जानलेवा हमला कर दिया।घटना के बाद पुराना भीलवाड़ा सुलग गया एक एंबुलेंस सहित कई गाड़ियों में तोड़फोड़ के बाद आग के हवाले किया गया। बाद में पुलिस द्वारा कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ। नवरात्रि के दौरान पंडाल में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन के पोस्टर नवरात्रि के मौके पर 9 दिन होने वाले आयोजनों में गैर हिंदूओं की एंट्री बैन की गई बाकायदा इसके लिए हिंदू संगठनों ने गरबा स्थल के बाहर बैनर लगाए कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों के आधार कार्ड चेक करने के बाद एंट्री दी गई, उनको तिलक लगाया गया। इसके पीछे महिला सुरक्षा और असामाजिक तत्त्वों द्वारा माहोल बिगाड़ने की घटनाओं को रोकना रहा।


