भास्कर न्यूज | थान खम्हरिया छत्तीसगढ़ में डिजिटल ई-गवर्नेंस और सुशासन के बड़े दावे किए जा रहे हैं। प्रदेशभर में भूमि उपयोग व्यपवर्तन (डायवर्सन) के लिए ऑटो-डाइवर्ज़न प्रणाली लागू करने की घोषणा की थी। दावा किया गया कि अब 15 दिनों के भीतर आवेदन पर निर्णय अनिवार्य होगा और यदि निर्धारित समय में आदेश जारी नहीं हुआ तो 16वें दिन प्रमाणपत्र स्वतः जारी हो जाएगा। सरकार ने इसे पारदर्शिता और डिजिटल क्रांति की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। पोस्टर, बैनर और सोशल मीडिया के माध्यम से 15 दिन की समय-सीमा का व्यापक प्रचार भी किया गया। लेकिन जब नागरिक आवेदन के लिए भुईयां पोर्टल पर पहुंचे, तो वहां डायवर्सन की समय-सीमा अब भी 90 दिन प्रदर्शित हो रही है। पोर्टल में अब तक कोई तकनीकी संशोधन नहीं किया गया है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। बेमेतरा जिले के साजा, बेमेतरा, नवागढ़ और बेरला राजस्व अनुविभागों में सैकड़ों आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रभावित है, वहीं एसडीएम कार्यालयों में मैन्युअल आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जा रहे।


