भुगतान के लिए भटक रहे किसान, मुसीबत का जिम्मेदार कौन ?
परिवहन का काम धीमी गति से
अनूपपुर। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 34 उपार्जन जिसमें 11 गोदाम स्तरीय एवं 11 समिति स्तरीय उपार्जन केन्द्र बनाये गए है। जिनमें जिले भर के 10 हजार 785 किसानों ने अपनी 55067 11 एमटी धान की फसल बेची है। वहीं कल हुई बारिश से कई टन धान पानी में भीगने की जानकारी है। बारिश की संभावना पर तीन दिवस के लिए समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन कार्य स्थगित किया गया है। जिससे उपार्जन केन्द्रों में पड़ी धान को सुरक्षित भंडारित करने गोदाम में परिवहन कराया जा सके। जिले में धान खरीदी किसानों के लिए अब सबसे बड़ी मुश्किल बन गई है किसी कदर किसान धान खरीदी केंद्रों तक पहुंच गया और मुश्किलों से धान भी खरीदी केंद्रों में बेंच दी पर उसके बाद असल मे जो मुसीबत सामने पहाड़ बन कर टूटी उससे जिले के किसानों के लिए और मुश्किलें बढ़ा दी है दरसल धान खरीदी के बाद 72 घन्टो के अंदर खरीदी केंद्र से धान का परिवहन या तो वेयर हाउस या फिर मिलर के यहां हो जाना चाहिये।
एक जनवरी तक नही होगी खरीदी
जिला आपूर्ति अधिकारी बी. एस. परिहार ने बताया कि बारिश की संभावना के दृष्टिगत राज्य शासन ने उपार्जन केन्द्रों पर उपलब्ध धान के सुरक्षित भडारण के लिए 30-31 दिसंबर और 1 जनवरी को (तीन दिवस) समर्थन मूल्य पर धान का उपार्जन कार्य स्थगित किया गया है। जहां उपार्जन केन्द्रों में भंडारित धान को गोदामा तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके।
धान खुले आसमान के नीचे
जानकारी के अनुसार 11 गोदाम स्तरीय उपार्जन केन्द्रों में 3626 एवं समिति स्तरीय उपार्जन केन्द्रों में 7159 किसानों ने 550675 मैट्रिक टन धान की फसल बेची गई है, जिसमें अब तक 61 प्रतिशत धान का परिवहन किया जा चुका है, लेकिन अब भी 39 प्रतिशत धान खुले आसमान में पड़ी हुई है, वहीं अब तक जिले भर में चनाये गए 34 उपार्जन केन्द्रों में कितनी धान पानी में भीग गई है इसका कोई आकडा सामने नहीं आया है।
एसएमएस से मिली सूचना
तीन दिनों तक धान खरीदी बंद करने के लिए जिन किसानों द्वारा स्लॉट बुक किया गया है। उनके स्लॉट की वैधता अवधि पांच कार्य दिवस बढाई गई है। इसकी सूचना एसएमएस के माध्यम से किसानों को दी जा रही है। 2 जनवरी से किसानों से नियमित रूप से धान की खरीदी जाएगी। जब तक उपार्जन केन्द्रों में महारिल धान का परिवहन कार्य करवाया जाएगा।
23 जनवरी तक होगी खरीदी
ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत किसानों को समयेन मूल्य पर धान विक्रय का अवसर देने के लिए उपार्जन की अंतिम तारीख 20 जनवरी को बढ़ाकर 23 जनवरी तक कर दी गई है।
भुगतान के लिए परेषान किसान
जनकारी अनुसार अभी भी बिक्री की गई कुछ किसानो का भुगतान नही हो पाया है और जिले भर में कई धान खरीदी केंद्र ऐसे है जहां आज भी धान खरीदने के बावजूद 72 घन्टे की जगह लगभग महीना बीतने को आ रहा है धान का उठाव नही हो सका जिसके चलते धान विक्रय करने वाले अन्नदाता के सामने बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है उनको उनके धान का भुगतान नही हो पा रहा जिसके चलते अधिकतर किसान अपने आगे की खेती करने में या तो असमर्थ हो रहे है तो कई किसानों को अपने बच्चों का भविष्य जो धान विक्रय से तय करना था वो भी अधर में अटक गया है। इस बार धान खरीदी की जिम्मेदारी नेशनल कॉपरेटिव कंज्यूमर फेडरेशन की है और खरीदी केंद्रों से धान का परिवहन समय रहते हो जाये जिसकी जिम्मेदारी इस कंपनी की बनती है कंपनी के फील्ड ऑफीसर के अनुसार केन्द्र में सारी प्रक्रिया नियमतः चल रही है। पर धान खरीदी केंद्रों में विगत महीने भर से पड़े बैक्लॉट से पता चलता है कि स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था लचर है। एनसीसीएफ कंपनी अपने मनमुताबिक काम करने पर आमादा है जिसका खामियाजा सीधे सीधे किसानों को भुगतना पड़ रहा है।


