भोपाल में आज निकलेगा होली चल समारोह:सोमवारा-पीर गेट पर टैंकरों से बरसेगा रंग, जबलपुर इस्कॉन में ब्रज जैसी होली; ग्वालियर में मूर्ख सम्मेलन

प्रदेशभर में होली का पारंपरिक उल्लास इस बार 4 मार्च, बुधवार को पूरे वैभव के साथ नजर आएगा। भोपाल में श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में शहर का ऐतिहासिक चल समारोह दयानंद चौक से शुरू होकर जनकपुरी तक निकलेगा। इधर इदौर के कई बड़ें होटलों में होली के बड़े इवेंट आयोजित होंगे। वहीं उज्जैन में विभिन्न अखाड़ों में गुरुवार को संतों की होली खेली जाएगी। ग्वालियर में होली की पड़वा की शाम इस वर्ष भी पारंपरिक मूर्ख सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 4 मार्च को महाराजा बाड़ा स्थित विक्टोरिया मार्केट के सामने यह कार्यक्रम होगा। जबलपुर में लम्हेटा घाट स्थित इस्कॉन मंदिर में 4 मार्च को शाम 5 बजे से होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इंदौर केंद्रीय जेल इंदौर में सुबह 10:30 बजे होली उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। भोपाल में निकलेगा चल समारोह श्री हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि चल समारोह सुबह 10 बजे दयानंद चौक से प्रारंभ होगा। इसके बाद घोड़ा निक्कास, मंगलवारा जैन मंदिर, इतवारा, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, चौकी चौक, सावरकर चौक, लखेरापुरा, भवानी चौक, सिंधी मार्केट होते हुए जनकपुरी में समापन होगा। पूरे मार्ग में पारंपरिक संगीत, रंग-बिरंगी झांकियां और ढोल-ताशों की गूंज से माहौल उत्सवमय रहेगा। हर वर्ष की तरह इस बार भी रंग, उत्साह और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। ग्रहण के कारण एक दिन बाद आयोजन 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने के कारण इस वर्ष पारंपरिक तिथि में परिवर्तन किया गया है। समिति का कहना है कि आस्था और परंपरा की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए 4 मार्च को चल समारोह आयोजित किया जा रहा है, ताकि धार्मिक मान्यताओं का सम्मान बना रहे। झांकियां, डीजे और पारंपरिक आकर्षण चल समारोह में सुसज्जित झांकियां, डीजे, पारंपरिक ढोल-ताशे, डुल-डुल घोड़ी और भव्य बग्घियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। रंगों से भरे टैंकर पूरे मार्ग में उत्सव की बौछार करेंगे। आयोजन केवल जुलूस नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं की जीवंत सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के रूप में सामने आएगा। भोपाल के सोमवारा-पीर गेट पर रंगों की बौछार इस जुलूस की सबसे विशेष परंपरा सोमवारा यानी पीर गेट क्षेत्र में देखने को मिलती है। जैसे ही चल समारोह यहां पहुंचेगा, टैंकरों से रंगों की बौछार की जाएगी। हजारों की संख्या में शहरवासी एक स्थान पर एकत्र होकर एक-दूसरे को रंग लगाते हैं। यह दृश्य सामाजिक समरसता, भाईचारे और सामूहिक उत्सवधर्मिता का प्रतीक बन जाता है। नशामुक्त होली की अपील अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने नागरिकों से अपील की है कि होली का त्योहार उल्लास और मस्ती का पर्व है, लेकिन किसी भी प्रकार के मादक पदार्थों का सेवन न करें। उन्होंने कहा कि त्योहार की गरिमा और परंपरा की पवित्रता बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। राजधानी एक बार फिर रंग, उमंग और उत्सवधर्मिता के विराट संगम की साक्षी बनने जा रही है। समिति ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्वक सहभागिता की अपील की है। इंदौर के होटलों में होंगे बड़े आयोजन इदौर के कई बड़ें होटलों में होली के बड़े इवेंट आयोजित होंगे। वहीं होली के मौके पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी इंदौर में निवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर त्योहार मनाएंगे। उज्जैन में संतों की होली उज्जैन में विभिन्न अखाड़ों में गुरुवार को संतों की होली खेली जाएगी। शिप्रा नदी किनारे स्थित बड़ा उदासीन अखाड़ा में पंच परमेश्वर साधु-संत सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होली उत्सव में भाग लेंगे। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए ठंडाई, भांग और भजियों की व्यवस्था भी रहेगी। ग्वालियर में होगा मूर्ख सम्मेलन ग्वालियर में होली की पड़वा की शाम इस वर्ष भी पारंपरिक मूर्ख सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 4 मार्च को महाराजा बाड़ा स्थित विक्टोरिया मार्केट के सामने यह कार्यक्रम होगा। यह सम्मेलन अपने 45वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। मूर्ख सम्मेलन की शुरुआत 1980 में ग्वालियर विकास समिति ने की थी और तब से यह आयोजन निरंतर होता आ रहा है। हालांकि कोरोना काल के दौरान दो वर्ष कार्यक्रम नहीं हो सका था। सम्मेलन में हास्य-व्यंग्य की महफिल सजती है, जहां विभिन्न शहरों से आए कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को हंसी के ठहाके लगाने पर मजबूर कर देते हैं। जबलपुर इस्कॉन मंदिर में ब्रज जैसी होली जबलपुर के लम्हेटा घाट स्थित इस्कॉन मंदिर में 4 मार्च को शाम 5 बजे से होली का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। वरिष्ठ भक्तों के सान्निध्य में श्रीश्री राधा रमण का पुष्पों से अभिषेक किया जाएगा और भगवान पर फूलों की वर्षा कर ब्रज शैली में होली खेली जाएगी। होली के दिन भगवान का दूध, दही, घी आदि से महाभिषेक होगा। इस अवसर पर अदिति पुत्र दास चैतन्य महाप्रभु के जीवन पर प्रवचन देंगे। वृंदावन से आए भक्तों द्वारा संकीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी, वहीं इस्कॉन गोपाल किड्स कैंप के बच्चे सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे। मंदिर के चेयरमैन कैलाश गुप्ता ने श्रद्धालुओं से समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है। यह खबर भी पढ़ें… भस्मारती में उड़ा हर्बल गुलाल, चंद्र ग्रहण के कारण बदला भोग का नियम; खुले रहेंगे पट श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को होली का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। तड़के 4 बजे भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल के साथ पुजारी-पुरोहितों ने हर्बल गुलाल से होली खेली। पढ़ें पूरी खबर…

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