शहर के ईसाई समुदाय में क्रिसमस की खुशियों का माहौल है और मसीही समुदाय 25 दिसंबर को प्रभु यीशु मसीह के जन्म के इस पावन पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारी कर रहा है। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है कैरोल गायन की परंपरा। शाम ढलते ही शहर के विभिन्न चर्चों से गायन मंडलियां ईसाई परिवारों के घरों में जाकर प्रभु के जन्म का संदेश देते हुए कैरोल गा रहे हैं। इस परंपरा में बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल होते हैं। कई स्थानों पर सामूहिक रूप से कैरोल गायन का आयोजन किया जा रहा है, जहां श्रद्धालु प्रार्थना करते हुए ढोलक की थाप पर नृत्य भी कर रहे हैं। सांता क्लॉज़ बने युवा बच्चों को टॉफियां वितरित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के माध्यम से न केवल प्रभु के जन्म का संदेश फैलाया जा रहा है, बल्कि समुदाय में एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूत किया जा रहा है। इसके अलावा, कैथोलिक चर्च के पीआरओ फादर अल्फ्रेड डिसूज़ा ने बताया कि इस रविवार को गिरजाघरों में प्रेम का प्रतीक चौथी कैंडल को जलाया जाएगा, जिससे मसीह के आगमन की प्रतीक्षा के चार सप्ताह पूरे हो जाएंगे। 24 दिसंबर की शाम से विशेष प्रार्थनाओं का आयोजन किया जाएगा। चार मोमबत्तियां – आशा, शांति, आनंद और प्रेम – का प्रतीक होती हैं और इनके साथ पांचवीं सफेद मोमबत्ती जलाई जाएगी, जिससे प्रभु यीशु मसीह के जन्म का स्वागत किया जाएगा।


