भोपाल में अब भीख लेना और देना दोनों ही जुर्म होगा। भीख लेने और देने वाले पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। निगरानी के लिए जिला प्रशासन चौराहों पर लगे CCTV कैमरों की मदद लेगा। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार रात को भिक्षावृत्ति पर प्रतिबंध के आदेश जारी कर दिए है। आदेश में कहा गया है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 अंतर्गत धारा 163 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए भोपाल जिले के समस्त राजस्व सीमा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की भिक्षावृत्ति को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाता है। आदेश के मुताबिक- भिक्षुओं को भिक्षा स्वरूप कुछ भी देना या उनसे किसी भी प्रकार के सामान को खरीदना प्रतिबंधित किया जाता है। जो व्यक्ति भिक्षुओं को भिक्षा स्वरूप कोई चीज प्रदान करता है या देता है या इनसे कोई सामान खरीदता हैं तो उसके विरूद्ध भी इस आदेश का उल्लंघन के लिए कानूनी कार्यवाही की जाएगी। इसलिए जारी करना पड़े आदेश
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सोमवार रात यह आदेश जारी किए। इसमें कहा गया कि भोपाल जिले में इस प्रकार की भिक्षावृत्ति में अन्य राज्य एवं शहरों के व्यक्ति भी संलग्न रहते हैं। जिसमें कई व्यक्तियों का आपराधिक इतिहास भी रहता है। भिक्षावृत्ति कार्य में संलग्न अधिकांश व्यक्ति नशे या अन्य गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। इसकी आड़ में वे आपराधिक गतिविधि कर देते हैं। वहीं ट्रैफिक सिग्नल पर दुर्घटना होने की आशंका भी बनी रहती है। चूंकि भिक्षावृत्ति एक सामाजिक बुराई है। सरकार ने भी इसे रोकने के लिए समय-समय पर निर्देश जारी किए हैं। इसलिए भोपाल में यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए जा रहे हैं। भिक्षुओं के लिए रैन बसेरा आरक्षित
कलेक्टर ने आदेश जारी करने के साथ ही एक रैन बसेरा भी भिक्षुओं के लिए आरक्षित कर दिया है। भिक्षुओं को प्रतिस्थापित कर उनके रहने, खाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार स्थित रैन बसेरे को भिक्षुक गृह के रूप में आरक्षित किया गया है। भोपाल में दर्ज हो चुकी एफआईआर
इससे पहले 26 जनवरी की रात में एमपी नगर थाने में एक भिखारी के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस ने यह कार्रवाई एक नागरिक की शिकायत पर की थी। भीख न मिलने पर भिखारी ने अभद्रता की थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि, जमानती धारा होने के कारण भिखारी को नोटिस देकर छोड़ दिया गया। यह घटना 25 जनवरी की थी। शिकायत के मुताबिक, योगेंद्र भलावी बोर्ड ऑफिस की तरफ आ रहे थे। बोर्ड ऑफिस स्थित सिग्नल पर एक युवक उनसे भीख मांगने लगा। योगेंद्र ने उससे कह दिया, ‘इतने हट्टे-कट्टे होने पर भीख मांगते हो।’ यह सुनकर भिखारी उनसे अभद्रता करने लगा था। इस पर यह कार्रवाई की गई थी। भोपाल में ढाई सौ से ज्यादा भिखारी
भोपाल में ढाई सौ से अधिक भिखारी है। राजधानी के चौराहों पर महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान जैसे राज्यों से आए लोगों के समूह शिफ्ट पर भीख मांग रहे हैं। सुबह 9 बजे से शाम 6 की शिफ्ट में ये चौराहों पर ड्यूटी बजाते हैं। ये भिखारी खाना नहीं लेते, इन्हें सिर्फ कैश चाहिए। एमपी नगर, रोशनपुरा चौराहा, न्यू मार्केट, कोलार, बिट्ठन मार्केट, बुधवार, ज्योति टॉकीज चौराहा, भोपाल टॉकीज, पीर गेट, नेहरू नगर, लेक व्यू, बोट क्लब, व्यापमं चौराहा, शिवाजी नगर, शाहपुरा, इकबाल मैदान जैसे इलाकों में इनकी संख्या ज्यादा है। सवा महीने पहले बना था प्रस्ताव
बता दें कि करीब सवा महीने पहले महिला बाल विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग ने भिखारी मुक्त शहर के लिए प्रस्ताव बनाया था। इसमें भीख देने वालों पर स्पॉट फाइन करना था। जिला प्रशासन ने इसे अमलीजाना पहनाने के लिए प्लानिंग भी कर ली। लेकिन, अमल नहीं हो सका। योजना के अनुसार भिखारियों के पुनर्वास के लिए किराए के मकान में बनाया जाने वाला शेल्टर ही तैयार नहीं हो पाया। इसकी वजह किराए का घर नहीं मिलना है। दूसरी ओर, सरकारी बिल्डिंग भी खाली नहीं मिली। इसलिए अब रैन बसेरा में अस्थायी भिक्षु गृह बनाने पर जोर है।


