भोपाल में शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने जनसुनवाई की। इस दौरान भोपाल निवासी सोहेल ने पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठाया। कहा कि एक महिला घर पर कब्जा कराकर बेच रही है और कम्प्लेन के बाद भी पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा- प्रदेश में महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा खास तौर पर घरेलू हिंसा के मामले में प्रोटेक्शन अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। इसके साथ ही पुलिस को अपनी ओर से भी एक अधिकारी महिलाओं से संबंधित मामले में जांच के लिए नियुक्त करना चाहिए। इन अधिकारियों की बैठकें हर हफ्ते होने से घरेलू हिंसा, भरण पोषण और अन्य मामलों के निराकरण में तेजी आएगी। भू-माफिया ने ससुर की हत्या कर बंगले पर किया कब्जा भोपाल के रहने वाले सोहेल ने बताया कि भू-माफिया ने 2017 में उनके ससुर की हत्या कर कोहेफिजा में बंगला डी-65 पर कब्जा कर लिया था। इसमें फरीन नाम की एक महिला का नाम शामिल है, जिस पर कई मकानों पर कब्जा करने के आरोप है। जनसुनवाई में सोहेल ने आरोप लगाया कि फरीन के भाई बाबर, साबर और जफर भी इसमें शामिल हैं। इनके अनुसार इनके खिलाफ क्रिमिनल केस भी दर्ज हैं। शहर के कोहेफिजा थाना, साइनाबाद थाना, एमपी नगर थाना, गोविंदपुरा और क्राइम ब्रांच में इनके खिलाफ मामले दर्ज हैं। सुनवाई में बताया, कोर्ट के स्टे ऑर्डर के बावजूद घर तोड़ा घर पर अवैध कब्जे के बाद पीड़ित परिवार ने कोर्ट में केस कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने स्टे ऑर्डर जारी किया लेकिन आरोपियों ने इसके बावजूद बंगला किसी और को बेच दिया। 12 अक्टूबर 2024 को दशहरा वाले दिन सोहेल और उनका परिवार जब मकान की तरफ गए तो उन्होंने देखा कि कुछ लोग बंगला गिराने की फिराक में हैं। घर गिराने के लिए बुलडोजर खड़े थे। घर तोड़ रहे लोगों ने परिवार को बताया कि फरीन ने उन्हें घर बेच दिया है। ये लोग अपने साथ हथियार भी लेकर आए थे। ऐसे में पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एडिशनल एसपी शालिनी दीक्षित के पास पहुंचा तो उन्होंने थाना प्रभारी को फोन किया और परिवार को उनके पास पहुंचाया। सोहेल के अनुसार जब वे थाने पहुंचे तो टीआई (TI) फोन बंद कर गायब हो गए और हमारी शिकायत पर कोई एक्शन नहीं हुआ। इसलिए अब परेशान होकर महिला के खिलाफ महिला आयोग में शिकायत करने आए हैं। पहले भी दो-तीन बार राज्य महिला आयोग गए थे लेकिन उनकी बात सुनने वाला कोई नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पत्नी को अभी भी जान का खतरा है, इसलिए मैं यहां आया हूं। अब कोर्ट और महिला आयोग से ही न्याय की उम्मीद है। इस पर रहाटकर ने इस मामले में पुलिस को उचित कार्यवाही करने के लिए कहा है। पति ने बिना तलाक दिए दूसरी शादी की, बच्चा भी ले गया जनसुनवाई में एक शिकायत रेणु सिंह की भी थी। इनका कहना था कि पति विकास राणा पुलिस में हैं। पति ने बिना तलाक लिए दूसरी शादी की और बच्चा भी ले गया। बच्चे के लिए महिला आयोग पहुंची पीड़िता ने कहा, मेरा पति एसीपी कार्यालय में काम करता है। 2017 में हमारी शादी हुई थी और 2024 में बिना तलाक दिए पति ने दूसरी शादी कर ली। मेरे बच्चे को भी मुझसे छीनकर दूसरी महिला को दे दिया। पुलिस में शिकायत करने के बाद जांच चली और एसपी ने पति को सस्पेंड कर दिया लेकिन उसने हाईकोर्ट से स्टे ले लिया। रेणु ने कहा कि उसके पति बड़े अधिकारियों के अधीन काम करने का फायदा हर जगह उठा कर बच्चे से दूर किए हुए हैं। बच्चे की कस्टडी का मामला भी कोर्ट में चल रहा है। मेरा बच्चा 5 साल का है और बहुत कमजोर है। घरेलू हिंसा का मामला 4 साल से चल रहा है। बच्चे की कस्टडी का मामला 2 साल से चल रहा है। कोर्ट से भी बार-बार सिर्फ तारीख मिलती है। महिला आयोग अध्यक्ष ने कोर्ट में केस होने के कारण इस पर कोई निर्णय नहीं लिया। सहकर्मी ने की छेड़छाड़, जान से मारने की कोशिश श्यामला हिल्स के रीजनल कॉलेज के स्कूल में कार्यरत एक शिक्षिका कार्य स्थल पर छेड़छाड़ की शिकायत लेकर पहुंची। महिला ने आरोप लगाया कि स्कूल का एक सहकर्मी उनसे छेड़छाड़ करता है और उन्हें परेशान करता है। व्यक्ति ने पहले कई बार घर के बाहर खड़ी महिला की गाड़ी का कांच तोड़ा, पेट्रोल के पाइप में छेद कर दिया या फिर गाड़ी का स्टैंड तोड़ दिया। वह शराब के नशे में गाली-गलौच भी करता है। व्यक्ति डायरेक्टर का करीबी था। महिला ने बताया कि शिकायत करने पर स्कूल ने उसकी तरफदारी की। 2018 में श्यामला हिल्स थाने में शिकायत करने पर अफसरों ने उन्हें ही केस वापस लेने के लिए कहा। महिला ने जब उस व्यक्ति का घर शिफ्ट करने की अपील की तब भी उन्हें ही अपना घर शिफ्ट करने के लिए कहा है। बाद में महिला आयोग की दखलअंदाजी के बाद व्यक्ति का घर बदला गया। महिला को लगा था कि FIR दर्ज कराने के बाद स्थिति सुधर जाएगी लेकिन इसके बाद सहकर्मी ने लॉकडाउन के दौरान गाड़ी के ब्रेक खराब कर महिला को जान से मारने की कोशिश की। पीड़ित महिला ने बताया कि मामला कोर्ट में चल रहा है लेकिन अब तक उनके 5 वकील बिक चुके हैं। दो महीने पहले उन्होंने छठे वकील से संपर्क किया। वो चाहती है कि मामले को सेक्सुअल हैरेसमेंट के नजर से देखा जाए और व्यक्ति पर संबंधित चार्ज लगाए जाए। यह खबर भी पढ़ें… कुछ महिलाएं कानून का गलत इस्तेमाल कर रहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बेंगलुरु के AI इंजीनियर अतुल सुभाष की खुदकुशी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। भोपाल में जनसुनवाई करने पहुंची रहाटकर ने भास्कर से बातचीत में कहा कि जो कानून महिलाओं को हिंसा और उत्पीड़न से बचाव के लिए बनाए गए हैं, उनका कुछ महिलाएं गलत इस्तेमाल कर रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…


