भ्रष्टाचार का पट्टा:सरकार ने 8 सोसायटी पर केस दर्ज कराया था, पुलिस ने 7 में FR लगाई

हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार ने फर्जी पट्टे जारी करने वाली सोसायटियों पर कार्रवाई के लिए जेडीए, पुलिस और सहकारी विभाग की संयुक्त टीम बनाई थी। टीम ने उन सोसायटीज पर कार्रवाई की जिनका रजिस्ट्रेशन निलम्बित था या फिर संचालन सहकारी विभाग के पास था। इसके बाद भी ये सोसायटी पट्टे काट रही थीं। संयुक्त टीम ने छापे मार कर दस सोसायटी के काले कारनामे उजागर किए थे। 8 सोसायटियों पर केस दर्ज किए गए। पुलिस ने इन काले कारनामों को ‘पाक’ साफ बताते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने वाले अफसरों पर सवाल उठा दिए। पुलिस ने झूठ, गलतफहमी और सिविल नेचर के मामले बताकर 7 केसों की फाइलें बंद कर दीं। पुलिस की इस कारगुजारी का सचिवालय स्तर पर गठित हाईलेवल कमेटी भी रिपोर्ट तलब नहीं कर रही। राजधानी में वर्षों से चल रहे सोसायटी के संगठित गिरोह के कारनामों को देखते हुए हाईकोर्ट ने वर्ष 2019 में प्रसंज्ञान लिया था। कोर्ट के निर्देश के बाद स्थायी समाधान निकालने के लिए राज्य स्तरीय कोआर्डिनेट कमेटी बनाी गई थी। इसमें तत्कालीन एसीएस (पीएचईडी), प्रमुख सचिव नगरीय विकास विभाग, एडिशनल कमिश्नर जयपुर और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार शामिल थे। झोटवाड़ा में 4 सोसायटी पर एफआईआर, पुलिस ने गलतफहमी बताया फील्ड में प्रभावी कार्रवाई के लिए पहली टीम वर्ष 2022 में बनी, जिसमें जेडीए में पदस्थापित डिप्टी रजिस्ट्रार नवल किशोर मीणा, डिप्टी रजिस्ट्रार जयपुर देशराज यादव व पुलिस कमिश्नरेट से एसीपी राजकंवर शेखावत शामिल थीं। टीम ने एक साथ 4 सोसायटी के ठिकानों पर छापे मारे और भारी मात्रा में दस्तावेज बरामद किए। FIR 973-2022 – सिरसिली गृह निर्माण समिति से 38 कट्टों में दस्तावेज जब्त। समिति का रजिस्ट्रेशन 2015 में रद्द हुआ था। फिर भी समिति के नाम कमल अग्रवाल पट्टे जारी कर रहा था। पुलिस ने नवम्बर 2024 में एफआर पेश कर दी। FIR 974-2022 में नवभारत गृह निर्माण सहकारी समिति के प्रमोद अग्रवाल के ठिकाने से 16 कट्टों में दस्तावेज बरामद। पुलिस ने गलत बताते हुए जून 2025 में एफआर लगाई। FIR 975-2022 – शिव गृह निर्माण सहकारी समिति के दिनेश शर्मा से 19 कट्टों में दस्तावेज जब्त। समिति के रजिस्टर्ड एड्रेस से चार बोरे दस्तावेज और बरामद। झोटवाड़ा पुलिस ने जून 2025 में एफआर पेश कर दी। एफआईआर 978-2022 – नागरिक गृह निर्माण सहकारी समिति के रवीन्द्र के ठिकाने से रिकॉर्ड जब्त। इसमें पुलिस ने अक्टूबर 2025 में एफआर कोर्ट में पेश कर दी। 4 थानों ने की जांच, किसी ने झूठ तो किसी ने सिविल नेचर का बताया थाना बजाज नगर एफआईआर 370-2023 इन्द्रा नगर गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्य कपिल गुप्ता से कई कालोनियों का रिकॉर्ड जब्त। आईओ एसआई विशम्भर ने मामला झूठा बताते हुए नवम्बर 2024 में एफआर लगा दी। थाना विधायकपुरी FIR 166-2023 म्युच्युल हाउसिंग सोसायटी के दिनेश चौधरी के ठिकाने से रिकॉर्ड जब्त। आईओ ने गलतफहमी का बताते हुए सितम्बर 2025 में एफआर लगा दी। थाना गांधी नगर FIR 423-2023 ओझाजी का बाग के दामोदर हल्दिया से कृष्णापुरी गृह निर्माण सहकारी समिति का रिकॉर्ड बरामद। आईओ एएसआई राजसिंह ने सिविल नेचर का बताते हुए एफआर लगा दी। इनका कहना था कि नोटिस के बाद भी सोसायटी नहीं आई। थाना जवाहर सर्किल (FIR 626): दो बार जांच बदल चुकी..नतीजा शून्य रामराजपुरा गृह निर्माण सहकारी समिति के संचालक रहे जानकी शरण गुप्ता के श्रीविहार स्थित ठिकाने से रिकॉर्ड जब्त हुए। डिप्टी रजिस्ट्रार ने वर्ष 2014 में संचालन के अधिकार छीन लिए थे। इसके बाद भी संचालक पट्टे काट रहे थे। कार्रवाई होती उससे पहले आरोपी जानकी शरण ने सहकारी विभाग पर एफआईआर करा दी। पुलिस ने दोनों मामलों में कार्रवाई नहीं की। जांच पहले एसआई मदरूप और फिर एसआई पूजा ने की। कोई नतीजा नहीं दिया। अब एसआई श्याम सिंह मामले की तफ्तीश कर रहे हैं। “यूडीएच विभाग की निगरानी में मीटिंग होती थी। इसमे सभी स्टेकहोल्डर, जेडीए, पुलिस और सहकारी विभाग के अधिकारी शामिल होते थे। फिलहाल, अभी कुछ समय से बैठक नहीं हुई है। जहां तक पुलिस की ओर से फाइनल रिपोर्ट लगाने का सवाल है, इस बारे में केस की डिटेल देखकर ही कुछ कहा जा सकता है।”
-मनीष अग्रवाल, एडिश्नल कमिश्नर, जयपुर कमिश्नरेट

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