भ्रष्टाचार के आरोप में बरबसपुर के सचिव पर जिला सीईओ की गिरी गाज

भ्रष्टाचार के आरोप में बरबसपुर के सचिव पर जिला सीईओ की गिरी गाज
अनूपपुर।
जिला मुख्यालय के समीप कलेक्टर कार्यालय व आवास से लगभग 300 मीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव के कारनामो की लगातार शिकायत आ रही थी लेकिन राजनीतिक तंत्र के प्रबल होने की स्थिति में कार्यवाही व सुनवाई को लेकर दरकिनार किया जा रहा था। जिसका परिणाम यह हुआ कि उन भ्रष्टाचारियों का मनोबल बढ़ता गया और सचिव सरपंच मिलकर भ्रष्टाचार की पुल बनाते गए यह हम नही कह रहे बल्कि ग्राम पंचायत की जनता का कहना है। आमजन की माने तो अभी तक के वित्तीय वर्ष में ग्रामपंचायत के भ्रष्टाचार को लेकर की गई सैकड़ों की तादाद में शिकायत की कापी जो जिलापंचायत एवं कलेक्टर कार्यालय में धूल खाते हुए रद्दी की टोकरियों में पड़ी है उनमें से किसी एक शिकायत की विधिवत जांच कर ली जाय तो इनके भ्रष्टाचार व किये गए कारनामों का प्याज के छिलके की तरह परत दर परत पोल खुलकर आमजन मानस के नजरों के सामने आ सकेगा।हालांकि मिली जानकारी के मुताबिक भ्रष्टाचार में संलिप्त बरबसपुर के सचिव राकेश सिंह पर शिकायत के एक अन्य मामले में जिला सीईओ ने कार्यवाही कर निलंबित तो कर दिया है लेकिन सरपंच से लेकर मुख्यमंत्री तक का ख्वाब देखने वाले सरपंच बरबसपुर के कारनामों की जिला प्रशासन द्वारा निष्पक्ष रूप से जांच कराई जाय तो कई लाख का मामला उजागर होकर सामने आ सकेगा।
यह थी शिकायत
प्राप्त जानकारी के मुताबिक क्रं./34-91/जि.पं./पं.प्रको./2025 शिकायतकर्ता सुधीर कुमार दुबे पिता स्व. जे.पी. दुबे निवासी वार्ड नं.-12 पोलिस लाइन रोड डी.बी.एम. स्कूल के पहले ग्राम पंचायत बरबसपुर, अनूपपुर द्वारा दिनांक 02 जनवरी 2024 को समक्ष में पत्र प्रस्तुत कर लेख किया गया है कि दिनांक 16 जून 2024 को शिकायतकर्ता ने अपनी पत्नी के नाम से भवन निर्माण की अनुमति हेतु ग्राम पंचायत बरबसपुर जिला अनूपपुर के सचिव राकेश सिंह के पास अनुमति हेतु आवश्यक दस्तावेज जमा किये। सचिव द्वारा शुल्क के नाम पर राशि रूपये 5000.00 मांग किये जाने पर सचिव के फोन पे नम्बर पर 5000.00 रूपये ट्रांसफर कर दिये। इसके पश्चात दिनांक 13 जून 2024 से लेकर दिसम्बर 2024 तक लगातार 15 बार राशि वापस किये जाने हेतु मांग करने पर वापस नहीं किया गया। सचिव श्री सिंह द्वारा समक्ष में दिये गये कथनानुसार उधार के नाम पर राशि लेना स्वीकार किया गया।
जांच में आरोप सिद्ध
शिकायतकर्ता द्वारा प्रस्तुत खाता स्टेटमेंट का अवलोकन करने पर पाया गया कि दिनांक 13 जून 2024 को एूपीआई से राकेष द्वारा राशि रूपये 5000.00 ट्रांसफर हुआ है। राकेश सिंह सचिव ग्राम पंचायत बरबसपुर जनपद पंचायत जैतहरी का यह कृत्य भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। साथ ही म.प्र. पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 का घोर उल्लंघन है। मध्यप्रदेश पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999, भाग 2. नियम-4 के तहत् राकेश सिंह सचिव, ग्राम पंचायत बरबसपुर, जनपद पंचायत जैतहरी जिला अनूपपुर (म०प्र०) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, तथा इनका मुख्यालय जनपद पंचायत जैतहरी, जिला अनूपपुर (म०प्र०) निर्धारित किया जाता है। यह आदेश तत्काल् प्रभावशील होगा।

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