जयपुर एसीबी द्वारा गठित एसआईटी ने जल जीवन मिशन में हुए हजार करोड़ के भ्रष्टाचार के मामले में आज अल सुबह धरपकड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के चीफ इंजीनियर दिनेश गोयल को उदयपुर के फाइव स्टार होटल ताज अरावली से सुबह गिरफ्तार किया गया। उदयपुर एसीबी एएसपी अनंत कुमार ने बताया कि आरोपी को अलसुबह होटल से सोते हुए हालत में पकड़ा था। आरोपी उदयपुर में जलदाय विभाग में कार्यरत है। जिसके ठिकानों सहित अन्य दस्तावेंजों की जांच जारी है। इसके अलावा मंगलवार को एसीबी की करीब डेढ़ दर्जन टीमों ने अल सुबह जयपुर, बाडमेर, उदयपुर, करौली, दिल्ली सहित अन्य राज्यों में कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को पकड़ा। इन अफसरों को किया गिरफ्तार
चीफ इंजीनियर जयपुर शहर केडी गुप्ता, तत्कालीन मुख्य अभियन्ता पीएचईडी परियोजना जयपुर दिनेश गोयल, रिटायर्ड तकनीकी चीफ इंजीनियर जयपुर डीके गौड, तत्कालीन अधीक्षण अभियन्ता सिविल पीएचईडी, जयपुर निरिल कुमार हाल चीफ इंजीनियर चूरू, तत्कालीन वित्तीय सलाहकार, जल जीवन मिशन, पीएचईडी जयपुर सुशील शर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता जयपुर (तत्कालीन सचिव आरडब्लयूएसएसएमची) शुभांशु दीक्षित, रिटायर्ड अतिरिक्त मुख्य अभियन्ता पीएचईडी क्षेत्र प्रथम, जयपुर अरुण श्रीवास्तव, रिटायर्ड अधीक्षण अभियन्ता, पीएचईडी पीआईयू-द्वितीय, डीडवाना महेन्द्र प्रकाश सोनी (एमपी सोनी), तत्कालीन अधिशाषी अभियन्ता, पीएचईडी, शाहपुरा जयपुर हाल निलंबित विशाल सक्सेना को गिरफ्तार किया है। जांच में मिला भ्रष्टाचार
जेजेएम घोटाले में एसीबी की ओर से इस संबंध में साल-2024 में केस दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि इसमें फर्म मैसर्स श्रीगणपति ट्यूबवेल कंपनी प्रोपराइटर महेश मित्तल और फर्म मैसर्स श्रीश्याम ट्यूबवेल कंपनी प्रोपराइटर पदमचंद जैन शामिल है। इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कर PHED के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर 960 करोड़ रुपए के टेंडर हासिल कर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया।


