मंच पर रो पड़ीं वसुंधरा राजे:माता-पिता, भाई पर लिखी कविता सुन बोलीं- जीवन में इनका योगदान नहीं भूल सकती

झालावाड़ में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे अपने माता-पिता और भाई पर लिखी कविता सुन मंच पर रो पड़ीं। बाद में भरे गले से बोलीं- मैं अपने जीवन में इन तीनों के योगदान को कभी नहीं भूल सकती। आज इनके बिना जीवन बहुत सूना लगता है। राजे ने शनिवार को खोयरा गांव स्थित मुक्तेश्वर मंदिर से सांसद दुष्यंत सिंह की पद यात्रा के तीसरे चरण की शुरुआत की। इस अवसर पर एक युवती अदिति शर्मा बकानी ने राजे पर एक कविता पढ़ी और पूर्व सीएम भावुक होकर रोने लगीं। इस कविता में राजे के पूरे परिवार, उनके शासन करने के तरीके और उनकी योजनाओं के बारे में उल्लेख था। लोगों से मिल रहे प्यार में माता-पिता और भाई को खोजती हूं पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा- मां राजमाता विजय राजे सिंधिया, पिता जीवाजी राव सिंधिया और भाई माधव राव सिंधिया अब इस दुनिया में नहीं हैं। जब भी उनकी याद आती है, तब मैं लोगों से मिल रहे प्यार में उनको खोजने लगती हूं और अहसास करती हूं कि इन्हीं में मेरे खोए हुए परिवारजन हैं। उन्होंने कहा कि वे बहुत भावुक हैं, जिन्हें धन-दौलत नहीं जनता रूपी परिवार के प्यार की जरूरत है, जो उन्हें सर्वाधिक मिल रहा है। उनका लोगों से दल का नहीं दिल का रिश्ता है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा- जनता के लिए लड़ने के लिए कितनी भी दूर जाना पड़े, लड़ेंगे… समय एक सा नहीं होता। कभी-कभी बहुत अच्छा समय होता है और कभी-कभी बहुत खराब। धन दौलत सब कुछ नहीं होता, जनता का प्यार सबसे अनमोल है। जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा। कविता सुनकर भावुक हुईं वसुंधरा राजे
ग्वालियर घराना धन्य हुआ, जब चरण भार्गवी से आए
विजयाराजे महारानी, जीवाजी राजा थे हर्षाए
माधव की बहन सुभद्रा सी, वसुधा की तारण हारी है
यह राजस्थानी धरती, इनकी सदा-सदा आभारी है
जिनके मस्तक पर स्वाभिमान की, सजी हुई यह बिंदिया है
अभिमान झालरापाटन का, राजे वसुंधरा सिंधिया है।।
पद्मा, ऊषा और यशोधरा सी बहनों का जब साथ रहा
वागड़ की मां त्रिपुरा का जिनके शीश धरा
वह हाथ रहा मां विजया के पदचिन्हों पर, सेवा जन जन की ठानी है
जो विजय पताका फहराया, फिर हार कभी ना मानी है यात्रा सुराज संकल्प हमारे राजस्थान निकाली थी स्वागत करने आतुर उपवन,
हर पुष्प-पुष्प, हर डाली थी सौभाग्य मालवा ने पाया, जो जीत आपने पाई है
जब बनी विधायक आप यहां, सत्ता में साख जमाई है
हरपल छवि ज्योति स्वरूपा की दीप्ति के निश्चय अटल रहे
इस रेगिस्तानी धरती पर खिलते ये मोहक कमल रहे
राजे से राजस्थान बना, अनगिनत गुणों की खान बना
आदिशक्ति का रूप लिए, हर नारी का सम्मान बना
जो प्रथम मुख्यमंत्री महिला, कहलाई राजस्थान की गौरव राजे का गूंज उठा
बारी आई गुणगान की तब झालावाड़ बढ़ा आगे, पहचान आपसे पाई है उत्तम विकास की दिव्य ज्योत, राजे ने यहां जलाई है
अभियान राज्य के हित अनेक, चलते हैं हर आह्वान में
जन-जन का स्नेह समाया, नारे जय जय राजस्थान में हर कष्ट मिटाकर जनता का
भरती झोली में खुशियां हैं अभिमान झालरापाटन का, राजे वसुंधरा सिंधिया है।।
राजश्री योजना जब आई, ममता को खुशियां दान मिली
मिला बढ़ावा बेटी जन्म को ऊंची यहां उड़ान मिली योजना स्वास्थ्य बीमा की
भामाशाह नाम से आई थी आवास योजना जन-जन के, अंतस में आन समाई थी
फिर मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन से, बदली थी रौनक सारी जल संरक्षण के केंद्र बने
बढ़ता भूजल स्तर भारी योजना अन्नपूर्णा रसोई, मुस्कान अधर पर ले आई भोजन थाली सम्मान युक्त, जब दीन दुःखी ने थी खाई
आज समर्थन करे आप का गांव शहर की गलियां हैं
अभिमान झालरापाटन का, राजे वसुंधरा सिंधिया है।।
दुष्यंत सिंह से पुत्र रत्न, राजे का मान बढ़ाते हैं
सांसद वे झालावाड़ और बारां के भी कहलाते हैं
आज प्रेरणा राजे जी से मैंने जो कुछ पाई हैं
मन के वे मंजुल भाव संजो, मैंने यह कलम चलाई है
इनकी जीवन गाथा को कुछ शब्दों के साथ सुनाई है राष्ट्र प्रेम जन सेवा ही जीवन के पुण्य कमाई है
दिन 8 मार्च और सन तिरपन को जन्म आपने पाया है
इस दिन ही पूरी दुनिया ने मिल महिला दिवस मनाया है
कहती है आज अदिती राजे सर्व गुणों की खान हैं
हर नारी का सम्मान है उनसे यह राजस्थान है
ऐसी शक्ति का अभिवादन, करती यह सारी दुनिया है
अभिमान झालरापाटन का, राजे वसुंधरा सिंधिया हैं।। जनसंवाद पदयात्रा को झंडी दिखाकर किया रवाना
राजे ने झालावाड़-बारां सांसद दुष्यंत सिंह की जनसंवाद पदयात्रा के तीसरे चरण का शनिवार को शुभारंभ किया। झालावाड़ के बकानी में केसरिया झंडी दिखाकर पदयात्रा को रवाना किया गया। इस दौरान उन्होंने जनसभा को भी संबोधित किया। ‘जनता का प्यार सबसे अनमोल’
जनसभा में पूर्व सीएम ने जोर देकर कहा कि धन-दौलत सब कुछ नहीं होता, जनता का प्यार सबसे अनमोल है। बकानी सहित पूरा झालावाड़ जिला उनका परिवार है।
राजे ने आश्वस्त किया कि 4 दिवसीय यात्रा के दौरान सामने आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई की जाएगी और जिले के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। ‘जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा’
राजे ने यात्रा के उद्देश्य पर भी बात की। उन्होंने बताया कि कई लोग पूछ रहे थे कि चुनाव नहीं होने पर भी यात्रा का क्या मतलब है। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस यात्रा के माध्यम से कुछ भी लेने नहीं आई हैं, बल्कि केवल जनता का प्यार लेकर जाएंगी। उन्होंने कहा कि वह लेने की नहीं, बल्कि देने की इच्छा रखती हैं और जनता का प्यार मिलेगा तो समय बदलेगा। पदयात्रा का ग्रामीणों ने किया स्वागत
इस दौरान सांसद दुष्यंत सिंह ने बताया कि यह पदयात्रा आमजन से सीधे संवाद का माध्यम है। वे अगले 4 दिनों तक कई गांवों में पैदल भ्रमण कर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को समाधान के निर्देश देंगे।
पदयात्रा बड़ाय, नैऊखेड़ी, जोड़ नानौर और देवर सहित कई गांवों में पहुंची, जहां ग्रामीणों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। लोगों ने फसलों के नुकसान का मुद्दा उठाया
जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने, गांवों में इंटरलॉकिंग सड़क एवं नाली निर्माण तथा जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर में नल कनेक्शन उपलब्ध कराने जैसी कई जनसमस्याओं के बारे में बताया। इसके अलावा 2 दिन पहले तेज हवाओं और बारिश से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। इस पर सांसद सिंह कहा कि अधिकारियों से चर्चा कर जल्द सर्वे कराने और उचित मुआवजा दिलाने पर चर्चा करेंगे। ये खबर भी पढ़ें… 1. वसुंधरा बोलीं- बुजुर्ग एक जमाने में जवान दिखा करते थे:कहा- 35 साल कब बीत गए, एहसास ही नहीं हुआ राजनीति करते हुए 35 साल कब बीत गए, इसका एहसास ही नहीं हुआ। जब वह पहली बार झालावाड़ आई थीं, तब यह तक पता नहीं था कि झालावाड़ कहां स्थित है। यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का। पूरी खबर पढ़ें… 2. वसुंधरा बोलीं-पैर के छाले कभी मेरी राह नहीं रोक पाए:छालों को पिन से फोड़कर आगे बढ़ जाती; नेता 5 साल एसी में रहते हैं, हम ऐसा नहीं करते पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा- ‘मैं चलती रही उम्रभर दुआओं के साथ, पांव के छाले कभी मेरी राहें नहीं रोक पाए।’ जब सांसद थीं, तब पदयात्रा करती थीं। पावों में छाले पड़ जाते तो उन्हें पिन से फोड़कर आगे बढ़ जाती। झालावाड़ के उन्हेल में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कहीं। पूरी खबर पढ़ें… 3. राजे बोलीं- फोन नहीं उठाने वाले अफसर परिणाम भुगतेंगे:बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष हमारे एम्बेसडर, उनके साइन से जनता के काम हों बीजेपी की संगठनात्मक कार्यशाला में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा था- बूथ अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष हमारे एम्बेसडर हैं। उनके साइन से जनता के काम हों। अधिकारी एक घंटी में उनका फोन उठाएं और काम करें। वरना परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। पूरी खबर पढ़ें…

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