भास्कर न्यूज | कोरबा गर्मी में हर साल बिजली उपकरणों पर लोड बढ़ता है। इससे शहरी क्षेत्र के पाड़ीमार जोन के कई क्षेत्रों में बार-बार पावरकट की समस्या सामने आती है। इससे निपटने चार साल पहले बालको को बिजली वितरण कंपनी का नया जोन बनाने प्रस्ताव भेजा गया, मगर मुख्यालय से मंजूरी नहीं मिलने से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। राज्य बिजली वितरण कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर (बीओडी) की बैठक में इस पर निर्णय लेने के बाद ही जरूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। बिजली वितरण कंपनी कोरबा सर्किल ने शहर क्षेत्र को तीन जोन में बांटा है। इनमें शहर का पावर हाउस रोड, पुराना कोरबा शहर, टीपी नगर समेत आसपास के हिस्से को तुलसी नगर जोन में रखा है। दर्री जोन में उपनगर जमनीपाली, दर्री समेत आस-पास इलाके का हिस्सा है। पाड़ीमार जोन में शहर का निहारिका, कोसाबाड़ी समेत आस-पास के हिस्से के साथ ही बालको सब स्टेशन से सप्लाई क्षेत्र भी है। इस कारण पाड़ीमार जोन से बालको की दूरी अधिक है। शहरी क्षेत्र के तीन जोन को मिलाकर 69 हजार 609 घरेलू समेत अन्य श्रेणियों के बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें सर्वाधिक 28 हजार 700 के करीब बिजली उपभोक्ता पाड़ीमार जोन में है। यही वजह है कि बिजली वितरण कंपनी ने बालको को अलग जोन बनाने का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा है। इसे अभी तक बीओडी से मंजूरी नहीं मिली है। कोरबा के औद्योगिक विकास के साथ दूसरे जोन की तुलना में पाड़ीमार जोन में उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ी है। इस जोन में शामिल शहर से लगे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों, दादरखुर्द समेत आसपास बस्तियों में गर्मी में बिजली उपकरणों पर लोड बढ़ने से बार-बार पावरकट की समस्या रहती है। वहीं बालको का हिस्सा भी पाड़ीमार जोन में है, जहां दूरी अधिक होने से समय पर सुधार कर बिजली आपूर्ति चुनौती है। नया जोन बनने पर पाड़ीमार जोन में उपभोक्ताओं की संख्या घटने पर गर्मी के पीक आवर में बिजली आपूर्ति में सुधार संभव है। शहरी क्षेत्र के 69 हजार के लिए सिर्फ तीन जोन शहरी क्षेत्र के 69 हजार उपभोक्ताओं के लिए तीन जोन बनाए गए हैं। पहले के उपभोक्ताओं की संख्या के हिसाब से यह उपयुक्त था। अब नए जोन की आवश्यकतानुसार प्रस्ताव भेजा गया है। इसके लिए बालको नगर क्षेत्र को चिन्हित किया गया है। इसकी स्वीकृति मिलने से शहरी क्षेत्र के लगभग 15 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। सर्वमंगला नगर क्षेत्र के उपभोक्ताओं को भी 15-20 किमी की दौड़ लगाकर दर्री जोन कार्यालय शिकायत लेकर पहुंचते हैं। दर्री से बांकीमोंगरा को अलग फीडर का दर्जा देने की मांग दर्री जोन में ही बांकीमोंगरा क्षेत्र को शामिल किया गया है। यह बिजली वितरण कंपनी ग्रामीण का हिस्सा रहा है। अब बांकीमोंगरा को नगर पालिका दर्जा मिलने के बाद इसे दर्री फीडर से अलग कर बांकीमोंगरा को अलग फीडर का दर्जा देने की मांग जनप्रतिनिधियों ने उठाई है। अलग फीडर बनने से गर्मी में पीक आवर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेहतर होगी।


