भास्कर न्यूज | दामापुर क्षेत्र के ग्राम सैहामालगी से मरका तक की करीब 3 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण होना है। इसे लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को वर्ष 2019-20 में स्वीकृति मिल चुकी थी, आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंजूरी के 6 साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। यह सड़क सीधे जिला मुख्यालय को जोड़ती है और 20 से अधिक गांव के लिए जीवनरेखा साबित हो सकती है। सैहामालगी से मरका मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में है। इसी रास्ते से ग्रामीण अपने खेतों तक जाते हैं। बच्चों को स्कूल भेजते हैं। इलाज और जरूरी कामों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। लेकिन सड़क की हालत ऐसी है कि हर सफर जोखिम बन चुका है। लगातार अनदेखी से ग्रामीणों में जनप्रतिनिधियों के प्रति आक्रोश है। खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण: ग्रामीण रमेश चंद्रवंशी, राकेश सिंगरौल, विक्की चंद्रवंशी, भगवत, अरुण, आशीष, मुन्ना, नंदकुमार, सुरेंद्र, होरीलाल, किशन, श्रीराम, लेखराम सिंगरौल समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि कांग्रेस कार्यकाल में सड़क निर्माण की स्वीकृति मिली थी। लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। इसका खामियाजा हम रोज भुगत रहे हैं।


