मंडला जिले के बिछिया से इलाज में लापरवाही के कारण प्रसूतिका की मौत की जानकारी सामने आई है। महिला के परिजनों ने आरोप लगाया है कि बिछिया अस्पताल में डिलीवरी के दौरान अंदर कॉटन छोड़ देने से महिला की मौत हो गई। गुरुवार को महिला के परिजनों ने थाने के सामने चक्काजाम करते हुए विरोध जताया। मामले को गर्माता देख मौके पर एसडीएम, तहसीलदार पहुंचे। उन्होंने परिजनों से बात कर मामला शांत किया। मृतिका के पति मोनीष मोंगरे ने बताया कि 4 दिसंबर को अपनी पत्नी रीनू मोंगरे को डिलीवरी के लिए बिछिया स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। उसी रात नॉर्मल डिलीवरी के बाद बेटे का जन्म हुआ। बच्चे के स्वास्थ्य को देखते हुए दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। जहां बच्चा तो स्वस्थ हो गया, लेकिन पत्नी की तबीयत खराब होते चली गई। 9 दिसंबर को मिली जानकारी 9 दिसंबर को जिला अस्पताल में महिला डॉक्टर ने पत्नी का चेकअप किया। उसने पत्नी के पेट में कॉटन और कपडा सड़ने की वजह से इंफेक्शन होने की बात कही। डॉक्टर ने मेरी सास और बहन के सामने ही पत्नी के पेट से कपड़ा निकाला। उसके बाद पत्नी को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। पत्नी को पहले कटरा अस्पताल में भर्ती कराया और फिर वहां से गंभीर अवस्था में 10 दिसंबर को जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान 11 दिसंबर को पत्नी की मौत हो गई। डिलीवरी में लापरवाही का आवेदन तहसीलदार बिछिया वीरेंद्र वरकड़े ने बताया कि करंजिया निवासी मोनीष मोंगरे ने आवेदन दिया है कि उनकी पत्नी की बिछिया अस्पताल में डिलीवरी के दौरान लापरवाही की गई, जिससे पत्नी की मौत हो गई। आवेदन ले लिया गया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।


