मंडला जिले के ग्रामीण इलाकों में गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही पेयजल संकट गहरा गया है। मंगलवार को जिले के विभिन्न गांवों से आए ग्रामीणों और महिलाओं ने जिला मुख्यालय में कलेक्टर से मुलाकात कर पानी की समस्या बताई और तत्काल समाधान की मांग की। घुघरी जनपद की नैझर पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में लगभग तीन साल पहले पानी की टंकी का निर्माण हुआ था। कुछ मोहल्लों में पाइपलाइन बिछाकर नल कनेक्शन दिए गए हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में अभी तक पाइपलाइन नहीं डाली गई है। ग्रामीणों के अनुसार, टंकी बनने के बाद भी आज तक उसमें पानी भरकर परीक्षण नहीं किया गया, जिससे नल जल योजना शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने योजना को शीघ्र शुरू करने की मांग की। घुघरी जनपद की पाटन पंचायत के ग्राम बिजोरा के ग्रामीण पिछले छह माह से गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। गांव में नल जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन कार्य अधूरा है। इसके चलते ग्रामीणों को लगभग दो किलोमीटर दूर नाले और कुओं से पानी लाना पड़ रहा है। नारायणगंज जनपद के वन ग्राम साजपानी से आई महिलाओं ने भी पीने के पानी की गंभीर समस्या बताई। उन्होंने जानकारी दी कि तीन साल पहले दो बोरवेल खोदे गए थे, जिनमें पर्याप्त पानी उपलब्ध है। हालांकि, अब तक उनमें न तो हैंडपंप लगाए गए हैं और न ही पानी के उपयोग की कोई व्यवस्था की गई है। महिलाओं ने इन बोरवेल में सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगाने की मांग की। इस संबंध में पीएचई कार्यपालन यंत्री मनोज भास्कर ने बताया कि नैझर पंचायत में योजना पूरी हो चुकी है। वहां कुएं से पानी की आपूर्ति की योजना थी, लेकिन ग्रामीण बोरवेल से पानी की आपूर्ति की मांग कर रहे हैं, जबकि इस क्षेत्र में बोरवेल सफल नहीं हैं। बिजोरा गांव के संबंध में उन्होंने कहा कि नल जल योजना पूरी करके पंचायत को सौंप दी गई थी, लेकिन सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एमपीआरडीसी से समन्वय स्थापित कर जल्द ही समाधान किया जाएगा।


