मंडल अध्यक्ष का पद नहीं मिला, रोने लगा भाजपा नेता:मंत्री, विधायक पर लगाया मनमानी का आरोप; वीडियाे वायरल

छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष का पद नहीं मिलने पर एक भाजपा नेता भावुक होकर राेने लगा। उसने मंत्री, विधायक दिलीप अहिरवार पर मनमानी का आरोप लगाया जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार चंदला विधानसभा क्षेत्र के गौरिहार और सरवई मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने जनप्रतिनिधियों पर भेदभाव करने के आरोप लगाए है। वहीं नियुक्ति पत्र जारी होने के बाद, जिला निर्वाचन अधिकारी ने गौरिहार मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति निरस्त कर दी है। जिससे चंदला विधानसभा क्षेत्र के पाल समाज में पार्टी के प्रति आक्रोश है। वहीं सरवई मंडल में हुई नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए केवट समाज के लोग इसका विरोध कर रहे है। गौरिहार मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति निरस्त होने के बाद पूरी विधानसभा क्षेत्र के पाल समाजजन एकजुट हो गए है, वहीं सरवई मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति में गड़बड़ी होने से केवट समाज के लोग भी एकजुट हो गए है। उनका कहना है कि, अगर पार्टी जल्द ही पाल और केवट समाज के हित में फैसला नहीं लेती तो वह भाजपा के खिलाफ बगावत करने को तैयार है। दरअसल, जिला चुनाव अधिकारी योगेश कुमार सक्सेना के द्वारा जारी सूची में गौरिहार भाजपा मंडल अध्यक्ष रवि करण पाल को मंडल अध्यक्ष बनाया गया। वहीं कुछ घंटे बाद दूसरे पत्र जारी कर बताया गया कि, भाजपा के गौरिहा मंडल अध्यक्ष पद पर निर्वाचिन प्रक्रिया निर्धारित मापदंड पर उचित नही पाई गई, जिससे प्रक्रिया निरस्त की जाती है। भाजपा संगठन द्वारा इस तरीके का हवाला देकर भाजपा मंडल अध्यक्ष रवि करण पाल की निर्वाचन प्रक्रिया निरस्त कर दी। इसी बात से नाराज पाल समाज ने गौरिहार मंडल परिसर में बैठक का आयोजन किया और संगठन पर नाराजगी जताते हुए रविकरण पाल को वापस मंडल अध्यक्ष बनाने की मांग की। मंडल अध्यक्ष के चयन में गड़बड़ी के आरोप भारतीय जनता पार्टी के सरवई मंडल के लिए मंगी केवट और नाथूराम पटेल के बीच चुनाव हुआ। मंगी केवट ने बताया कि, उसे 11 वोट मिले वहीं नाथूराम पटेल को सिर्फ 9 वोट मिले। मंगी का आरोप है कि, क्षेत्रीय विधायक एवं राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार के हस्तक्षेप के कारण नाथूराम पटेल को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है। मंगी के मुताबिक वह पिछले 21 वर्षों से भाजपा की सेवा करता आ रहा है। पार्टी के लिए लंबे समय से काम करने के बाद भी मंडल अध्यक्ष का पद उन्हें नहीं दिया गया। पुराने कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया जा रहा है। जिस व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष का दायित्व दिया गया है वह 2010 से पार्टी के लिए काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि पूरा केवट समाज समर्पित भाव से कार्य कर रहा है, मगर समाज को प्रतिनिधित्व देने में राजनीति हो रही है। वह अपना दर्द बताते हुए भावुक होकर राेने लगा, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

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