इंदौर में मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा, ‘मध्यप्रदेश में हम आने वाले सालों में भारतीय भाषा दिवस मनाने का निर्णय कर रहे हैं।’ उच्च शिक्षा, आयुष, तकनीकी शिक्षा कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री परमार बुधवार को इंदौर के होलकर साइंस कॉलेज में ‘भारतीय भाषा संगम भारतीय विरासत का उत्सव कार्यक्रम’ में शामिल हुए। मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा, ‘आज गीता जयंती है। भारतीय भाषा दिवस भी है। इस मौके पर भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की भारतीय भाषा समिति, होलकर साइंस कॉलेज और विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान ने भारतीय भाषा संगम का ये उत्सव रखा है। इंदौर में अलग-अलग राज्यों के अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग रहते हैं। वे यहां आए हैं। अपनी परंपराओं की अपनी भाषा में प्रदर्शनी लगाई है। लघु भारत का रूप इस कॉलेज में दिखा है।’ बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर कहा, ‘बांग्लादेश भारत का ही हिस्सा था, इसलिए भारत के लोगों का स्वाभाविक रूप से चिंता करने का विषय है।’ मध्यप्रदेश के संदेश को देशभर तक पहुंचाएंगे मंत्री ने कहा, ‘पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में भारत की जड़ों से जोड़ते हुए आमूलचूल परिवर्तन का काम चल रहा है। देश के सभी शिक्षाविद चिंतन – मनन कर भारत के दर्शन, सभ्यता, ज्ञान को ऐसे अवसरों पर प्रकट करते हैं। उन्होंने कहा, ‘होलकर कॉलेज ने श्रेष्ठ परंपरा शुरू की है। मध्यप्रदेश में भी हम आने वाले सालों में भारतीय भाषा दिवस मनाने का निर्णय कर रहे हैं, ताकि हर कैंपस में अलग-अलग भाषा बोलने वाले लोग एकत्रित हों, विचारों का आदान-प्रदान करें। भाषा जोड़ने का काम करेगी, तोड़ने का काम नहीं हो सकता। मध्यप्रदेश के संदेश को हम देशभर में पहुंचाने का काम करेंगे।’
स्वाभाविक रूप से चिंता करने का विषय बांग्लादेश की घटनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा, ‘भारत सरकार कूटनीतिक दृष्टि से सब प्रयास कर रही है। इस देश के लोगों का स्वाभाविक रूप से जो सनातन के लोग हैं, दुनिया में उन सब की चिंता करने की नैतिक जवाबदारी भारत की है होती है, यहां के समाज की होती है, क्योंकि यहीं से उनके पूर्वज कभी न कभी गए हैं। मैं समझता हूं आज दुनिया का विश्व का जनमत है वह भी समझ गया है कि बांग्लादेश में जो अत्याचार हो रहा है वह बंद होना चाहिए। चाहिए वह भी कूटनीतिक प्रयास करके बांग्लादेश पर दबाव बना रहे है।’


