कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब रविवार को सारंगढ़ प्रवास पर थे। उन्होंने यहां आयोजित प्रदेश स्तरीय सतनामी समाज युवक-युवती परिचय सम्मेलन में भाग लिया। अपने संबोधन में मंत्री साहेब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सतनामी समाज के लिए किए जा रहे कार्यों और गुरु घासीदास बाबा के मेला आयोजन हेतु स्वीकृत राशि का उल्लेख किया। मंत्री खुशवंत साहेब ने बाबा गुरु घासीदास के ‘सादा जीवन उच्च विचार’ के संदेशों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को दिखावे और फिजूलखर्ची से बचते हुए सादगीपूर्ण विवाह की परंपरा को गर्व के साथ अपनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि दिखावे की शादियों में अत्यधिक धन खर्च होता है, जिससे लोगों को कर्ज लेना पड़ता है और लड़का-लड़की ढूंढने में भी परेशानी होती है। मंत्री ने गुरु घासीदास द्वारा बताए गए सादगीपूर्ण विवाह के मार्ग को अपनाने का आह्वान किया, जिसमें किसी प्रकार का खर्च नहीं होता और समाज में प्रेम की भावना स्थापित होती है। उन्होंने कहा कि हमें दिखावे से ऊपर उठकर इस परंपरा को अपनाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास के लिए किए जा रहे कार्यों का भी जिक्र किया। धार्मिक स्थलों के विकास के लिए करोड़ों की राशि स्वीकृत मंत्री ने बताया कि गिरौदपुरी, भंडारपुरी और लालपुर धाम सहित अन्य स्थानों के लिए करोड़ों रुपए स्वीकृत किए गए हैं, जिससे इन धार्मिक स्थलों की उन्नति और विकास हो रहा है। सारंगढ़ में प्रतिवर्ष बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती मनाई जाती है, जिसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने राशि स्वीकृत की थी, जो आज भी जारी है। मंत्री खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के सहयोग की सराहना की। सीजीपीएससी अभ्यर्थियों को मुफ्त कोचिंग की सुविधा उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में मुख्यमंत्री ने लगातार सहयोग किया है। शिक्षा के क्षेत्र में, राज्य सरकार ने सीजीपीएससी में एसडीएम और डिप्टी कलेक्टर बनने वाले अभ्यर्थियों के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की है और पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किए हैं। उन्होंने दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ सर्व समाज की उन्नति और विकास के लिए कार्य कर रही है।


