शिक्षा मंत्री मदन दिलावर गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर रहे। दिलावर ने बोर्ड कार्यालय में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और रीट परीक्षा को लेकर बैठक लेकर दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा 6 मार्च के लगभग प्रारंभ होगी। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं से पहले मीटिंग होती है। सरकार इसकी समीक्षा करती है और कोशिश करती है कि किसी प्रकार की दिक्कत या परेशानी ना हो। अगर कोई परेशानी सामने आती है तो उसका निस्तारण पहले ही कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि राजस्थान की माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सर्वोच्च प्रतिष्ठा है और वह बरकरार रहे इस प्रकार का आग्रह अधिकारियों से किया है। एक बात मैं जरूर कही है जो प्रैक्टिकल परीक्षा होती है, इसमें पता नहीं कब से सरकार के आदेश तो नहीं है। लेकिन परंपरा से बन गई है। जो प्रायोगिक परीक्षा लेने जाते हैं, एग्जामिनर उनकी आवभगत होती है, बैंड-बाजों के साथ ले जाया जाता है, अच्छे होटल में रुकवाया जाता है, और शायद इसलिए होता होगा यह कि हमारे स्कूल के बच्चों को अधिक से अधिक अंक देकर जाएं। उन्होंने कहा कि मैं भी उस दौर से गुजरा हूं जब पढ़ा हूं। मुझे उस समय भी अच्छा नहीं लगता था और आज भी अच्छा नहीं लगता है। इसलिए अधिकारियों से कहां है, इससे बच्चे ताकि अच्छा रहेगा और जो प्रैक्टिकल बच्चे करते हैं, उनका मूल्यांकन करके ही अंक दे। दिलावर ने कहा की रीट की परीक्षा के बारे में भी चर्चा हुई। अभी तक जितनी रीट की परीक्षा हुई है, उसमें किसी प्रकार की परेशानी माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों को नहीं आई है। सफलतापूर्वक इस काम को किया है। यह पहली बार ऐसा हो रहा है, राजस्थान में की रीट की परीक्षाओं में पात्रता जो रखी है, फॉर्म बढ़ाने या भाग लेने की उसमें थोड़ा सा संशोधन किया है। वह संशोधन यह है कि एचटीसी B.Ed जैसी परीक्षाएं हो रही है, पहले यह था कि वह परीक्षा पास करने के बाद ही यह रीट परीक्षा में भाग ले सकता है, अब ऐसा नहीं है। अगर किसी को एचटीसी या बीएड की परीक्षा देनी है, उसमें एडमिशन हो गया हो चाह वह फर्स्ट ईयर हो या एक महीना ही क्यों ना हो गया हो तब भी वह परीक्षा देने के लिए पात्र हो जाएगा। यह संशोधन किया है। ताकि उसके जीवन का एक या दो साल बच जाएगा। दिलावर ने कहा कि बोर्ड की परीक्षा 6 मार्च के लगभग प्रारंभ होगी। बोर्ड पर नियुक्ति के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चार लाख सरकारी नौकरी देने वाले हैं। जब 4 लाख इतनी बड़ी संख्या में नौकरी देंगे तब माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में जो रिक्त पद है वह भी भरेंगे।


