मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाने की मांग:संतों ने अतिक्रमियों पर धमकाने के आरोप लगाए, प्रशासन से जमीन सीमांकन की मांग की

मंदिर की जमीन से अतिक्रमण हटाने सहित अन्य मांगों को लेकर संत समाज ने जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया। संतों ने जमीन की पैमाइश करवाकर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने, मंदिर परिसर के पास स्थित नॉन वेज की दुकानें बंद करवाने, जान से मारने की धमकी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। संत जगदेवदास नागाजी ने बताया कि कैथून में चंद्रलोही नदी के तट पर 1300 साल प्राचीन श्रीरघुनाथ जी विराजमान मंदिर (मठ) अस्थल है। जिसका क्षेत्रफल 3 बीघा 9 बिस्वा है। यहां मंदिर सहित मंदिर माफी भूमि पर समाज विशेष के लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया। मंदिर के पास गैर संवैधानिक रूप से अवैध मांस की दुकान लगा रखी है। आए दिन मठ के अंदर मांस के अवशेष फेंकते रहते हैं। मना करने पर समाज विशेष के लोग इकट्ठे होकर जान से मारने की धमकी देते है। मठ से नीचे उतरने चाकू मारने धमकी देते है। थाने में शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मोटे महादेव आश्रम के संत दशरथदास ने बताया- राजा महाराजों के जमाने से साधु संत मठ (मंदिर) की जमीन को संभालते आ रहे है। हाल ही में मठ के संत जगदेवदास जी महाकुंभ में गए हुए थे। पीछे से समाज विशेष के लोगों ने मठ की जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें बना ली। हमारी मांग है कि प्रशासन इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करें। जमीन का सीमांकन करवाकर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करें। मांग नहीं मानी तो साधु संत सड़क और उतरकर आंदोलन करेंगे।

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