मऊगंज कलेक्टर के खिलाफ असंतोष अब संभागीय स्तर तक पहुंच गया है। बुधवार को रीवा स्थित कमिश्नर कार्यालय के सामने प्रदर्शनकारियों ने कड़ाके की ठंड में अर्धनग्न होकर धरना दिया और प्रतीकात्मक रूप से मुंडन कर प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कलेक्टर के तत्काल निलंबन और एक शिक्षिका की बहाली की मांग की। मऊगंज जिला एक बार फिर विवादों के कारण सुर्खियों में है। जिला प्रशासन, विशेषकर मऊगंज कलेक्टर के विरोध की यह चिंगारी अब जिला मुख्यालय से निकलकर रीवा संभाग तक पहुंच गई है। बुधवार दोपहर करीब 1 बजे मऊगंज से आए प्रदर्शनकारी रीवा कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। कड़ाके की ठंड के बावजूद प्रदर्शनकारी अर्धनग्न होकर धरने पर बैठे। उन्होंने अपने सिर का मुंडन कराया और इसे “व्यवस्था परिवर्तन का प्रतीक” बताया। इस प्रदर्शन में शिक्षक मुद्रिका त्रिपाठी, एक सेवानिवृत्त शिक्षक सहित कई अन्य लोग शामिल थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मऊगंज कलेक्टर लगातार संवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं और आम लोगों की आवाज को दबाया जा रहा है। उन्होंने कमिश्नर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कलेक्टर को तत्काल निलंबित करने और निलंबित शिक्षिका शकुंतला नीरत को बहाल करने की मांग की। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे और धरना जारी रखा।


