मऊगंज जिले की नईगढ़ी तहसील के डिहिया गांव में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जबलपुर हाईकोर्ट में मामला चल रहा है, इसके बावजूद छह रिहायशी मकानों को गिराने की तैयारी की जा रही है। इससे करीब 40 लोगों के बेघर होने का खतरा है। कार्रवाई का विरोध, ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट गुरुवार शाम करीब 4 बजे डिहिया गांव के ग्रामीण मऊगंज कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर कार्रवाई की जा रही है, उसका मामला अभी हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में बिना अंतिम फैसले के मकान तोड़ने की तैयारी गलत है। लोग बोले- कई वर्षों से पुस्तैनी मकानों में रह रहे प्रभावित ग्रामीणों में रामजीत यादव, राम-जियावन यादव और मुद्रिका यादव शामिल हैं। उनका कहना है कि वे कई वर्षों से इस जमीन पर अपने पुस्तैनी मकानों में रह रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर गलत सीमांकन करने और दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। कार्रवाई पर रोक की मांग ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि जब तक जमीन का सही सीमांकन नहीं हो जाता और हाईकोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक किसी भी तरह की कार्रवाई न की जाए। उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में मकान गिराने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के सामने गंभीर परेशानी खड़ी हो जाएगी।


