भास्कर न्यूज | चाईबासा/चक्रधरपुर चाईबासा व चक्रधरपुर में मकर संक्रांति का पर्व दो दिन मनेगा। कुछ समुदाय के लोग 14 जनवरी व कुछ समुदाय के लोग 15 जनवरी को त्योहार मनाएंगे। मकर संक्रांति पर नदी व तालाबों में पवित्र स्नान किए जाते हैं और सूर्यदेव को अर्घ्य दिया जाता है, जिसकी तैयारी कर ली गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अर्घ्य देने के लिए विशेष तैयारी हो चुकी है। नदी व तालाबों के स्नान घाटों में इस मौके पर अलाव की व्यवस्था की गई है। विभिन्न जाति समुदाय के लोग पारंपरिक तरीके से इस पर्व को मनाते हैं। 12 जनवरी को उड़िया भाषा समुदाय के लोगों ने चाउड़धुवा के रूप में मकर का पहला दिन हर्षोल्लास पूर्वक बिताया। इस दिन को छोटा मकर भी कहा जाता है। परंपरानुसार प्रथम चाउड़धुवा के दिन अरवा चावल को सुखाने के बाद आटा तैयार किया जाता है, जिसे लेकर गांव में प्रचलित ढेकी लकड़ी से बने चावल पिसाई यंत्र में दिनभर चावल की कुटाई होती रही। इसी दिन को बाउंडी कहा जाता है। संध्या के समय अग्निदेव के पूजनोपंरात अरसा नामक पीठा (रोटी) बनाया गया। मकर संक्रांति के दिन सूर्योदय के पूर्व गांव के सभी लोग जाग जाते हैं। नदी तालाबों में डुबकी लगाते हैं। पवित्र स्नान के पश्चात नए कपड़े पहने जाते हैं। हाड़ कंपाती ठंड में भी पानी में डुबकी लगाने की होड़ लगी रहती है। ग्रामीण ढोल-मृंदग की ताल पर कीर्तन-भजन करते हुए गांव के मुख्य चौराहे तक पहुंचते हैं। सर्वप्रथम बड़े-बुजुगों के पांव छूकर आशीर्वाद लिया जाता है। इस दृश्य में भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। ग्रामीण क्षेत्रों में एक-दूसरे से गले मिल लोग भाईचारे का संदेश देते हैं। इस मौके पर विभिन्न धार्मिक स्थलों में पहुंचकर पूजा पाठ भी किए जाते हैं। इस पर्व में गुड़ पीठा व नए कपड़े का बड़ा महत्व है। पिछले दो सप्ताह से इस पर्व को मनाने के लिए तैयारियां चल रही थीं। चक्रधरपुर की दुकानों में मकर संक्रांति की तैयारी का नजारा बाजार में देखा जा सकता है, जहां खचाखच भीड़ थी। बाटा रोड, कपड़ा पट्टी सहित मुख्य मार्ग में जाम की स्थिति का दिनभर लोगों को सामना करना पड़ा। सोमवार को भी बाजार में भारी भीड़ रही। देर शाम तक दुकानों में खरीदारी चलती रही। सोमवार को तिलकुट की दुकानों में भी भारी भीड़ उमड़ी। वहीं, तिलकुट की दुकानों में महीने भर से इसकी तैयारी चल रही थी। मकर संक्रांति के दिन क्षेत्र के मां भगवती केरा मंदिर और मां कंसरा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है, जहां पर भक्तों द्वारा पूजा-अर्चना के साथ परिवार की सुख व समृद्धि की कामना की जाएगी।


