भास्कर न्यूज | लुधियाना फर्जी प्रॉपर्टी का सौदा कर दो भाइयों से लाखों रुपए ठगने और बाद में दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने के आरोप में थाना दुगरी पुलिस ने अदालत के आदेश के बाद एक महिला और उसके भाई के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान गीता वर्मा पत्नी हरीश कुमार और उसके भाई बलविंदर सिंह, निवासी शहीद भगत सिंह नगर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर दो भाइयों को एक मकान बेच दिया और उनसे करीब 4.5 लाख रुपए ले लिए। कुछ समय बाद जब मकान का असली मालिक सामने आया तो धोखाधड़ी का खुलासा हो गया। इसके बाद महिला ने दोनों भाइयों पर नशे की हालत में उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवा दिया। मामले की जांच एसीपी पीबीआई जसवीर सिंह गिल ने की। जांच में कॉल डिटेल और टावर लोकेशन से पता चला कि 12 अगस्त 2025 को दोनों पक्षों के मोबाइल नंबर एक ही स्थान पर थे। साथ ही आरोपियों की ओर से रकम को ब्याज पर लिया गया बताने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस कमिश्नर की मंजूरी के बाद बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच एएसआई बलवीर सिंह को सौंप दी गई है। अगस्त 2025 के पहले हफ्ते में मेरी मुलाकात गीता वर्मा और उसके भाई बलविंदर सिंह से हुई थी। बलविंदर ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताते हुए कहा कि उसकी बहन के पास गांव गिल में 92 वर्ग गज का मकान बेचने का अधिकार है। उसने बताया कि मकान की जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी 12 जून 2023 को सब-रजिस्ट्रार लुधियाना में रजिस्टर्ड है और संपत्ति पर कोई विवाद नहीं है। उनकी बातों पर भरोसा कर मैंने 12 अगस्त 2025 को 13.50 लाख रुपए में मकान खरीदने का एग्रीमेंट कर लिया। एग्रीमेंट से पहले मैंने 2.70 लाख रुपए यूपीआई से और 1.35 लाख रुपए नकद देकर कुल 4.50 लाख रुपए एडवांस दे दिए। बाद में जब मैं मौके पर गया और आसपास पूछताछ की तो पता चला कि मकान का असली मालिक कोई और है और गीता वर्मा के पास उसे बेचने का अधिकार ही नहीं है। सामना कराने पर दोनों ने कागजात फर्जी होने की बात मान ली और पैसा लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन सिर्फ 50 हजार रुपए ही वापस किए। बाकी 3.55 लाख रुपए देने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला ने हम पर झूठा दुष्कर्म केस दर्ज करवा दिया। इससे हमारी इतनी बदनामी हुई कि रिश्तेदारों ने भी दूरी बना ली। मेरे भाई का बुटीक का काम बंद हो गया और मेरे प्रॉपर्टी कारोबार पर भी असर पड़ा। बाद में कोर्ट में जांच और ब्लड सैंपल रिपोर्ट में आरोप झूठे साबित हुए। अदालत ने महिला पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया और पुलिस को दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। -जैसा शिकायतकर्ता के भाई ऋषि वासी संत एन्क्लेव, धंदरा रोड ने दैनिक भास्कर को बताया


