मजदूर बनकर पहुंची पुलिस, ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह का मास्टरमाइंड गिरफ्तार:जेल भागने के बाद सऊदी चला गया था, फैक्ट्री में काम करते हुए गुजरात से दबोचा

बांसवाड़ा जिले की घाटोल थाना पुलिस ने फिल्मी अंदाज में कार्रवाई करते हुए शादी के नाम पर ठगी करने वाले ‘लुटेरी दुल्हन’ गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया। 16 साल से फरार चल रहा आरोपी 2010 में चित्तौड़गढ़ जेल से भागने के बाद फर्जी पासपोर्ट बनवाकर सऊदी अरब तक पहुंच गया था। भारत लौटकर इंदौर की फैक्ट्री में मजदूर बनकर छिपा बैठा था। पुलिस टीम भी मजदूर के वेश में फैक्ट्री पहुंची और पहचान पक्की होते ही उसे घेरकर दबोच लिया। शादी के 9 दिन बाद गहने लेकर फरार हुई दुल्हन थानाधिकारी रमेश पन्नू ने बताया- मामले का खुलासा तब हुआ जब घाटोल निवासी मुकेश कुमार सेठिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पहली पत्नी से तलाक के बाद उन्होंने इंदौर निवासी इंदु सोलंकी से मंदिर में विवाह किया था। शादी के बदले दलालों और लड़की पक्ष को 2 लाख 56 हजार रुपए दिए गए थे। लेकिन शादी के महज 9 दिन बाद, 26 फरवरी 2024 की सुबह इंदु बहाना बनाकर घर से निकली और सोने की चेन व चांदी के पायजेब लेकर फरार हो गई। इसके बाद उसका मोबाइल भी बंद हो गया और कोई संपर्क नहीं हो पाया। जांच में सामने आया 16 साल पुराना फरार अपराधी पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड पिड़गम्बर किशनगंज, इंदौर निवासी 56 वर्षीय भंवर सिंह ठाकुर है। पुलिस ने उसे गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया। आरोपी का रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि वह वर्ष 2010 में चित्तौड़गढ़ जेल से फरार हो गया था और तब से लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। अकोला से सऊदी तक छिपता रहा, बदलता रहा ठिकाने जेल से भागने के बाद आरोपी महाराष्ट्र के अकोला पहुंचा, जहां कुछ समय तक छिपा रहा। इसके बाद उसने फर्जी पासपोर्ट बनवाकर करीब दो साल सऊदी अरब में गुजारे। विदेश से लौटने के बाद उसने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली और इंदौर की एक फैक्ट्री में मजदूरी करने लगा, ताकि किसी को शक न हो। मजदूर बनकर फैक्ट्री में घुसी पुलिस टीम थानाधिकारी रमेश पन्नू के नेतृत्व में गठित टीम को सूचना मिली कि आरोपी इंदौर की एक ऑयल मिल में काम कर रहा है। पुलिस ने सीधे दबिश देने के बजाय योजना बनाई और टीम के सदस्य मजदूर बनकर फैक्ट्री के अंदर पहुंचे। जैसे ही आरोपी की पुष्टि हुई, पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। और भी शिकार तलाश रही पुलिस इस कार्रवाई में थानाधिकारी रमेश पन्नू के साथ नेपाल सिंह, वीरभद्र सिंह और धर्मेश कानी की अहम भूमिका रही। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने प्रदेश सहित अन्य राज्यों में कितने लोगों को शादी के नाम पर ठगी का शिकार बनाया है।

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