चांदपोल बाजार स्थित सब्जी मंडी में मजार पर डाली जा रही छत में निगम अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। हैरिटेज नियमों के तहत परकोटे की दीवार से पांच मीटर छोड़कर मजार की छत का निर्माण किया जाना था, लेकिन ठेकेदार ने यह निर्माण परकोटे से सटाकर कर दिया। परकोटे से सटाकर निर्माण करने में किशनपोल जोन के इंजीनियरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जोन एक्सईएन, एईएन और जेईएन को मौके पर निरीक्षण करना था, लेकिन साइट का निरीक्षण ही नहीं किया। इतना नहीं जोन उपायुक्त ने भी इसकी जानकारी नहीं ली। यह स्थिति तो तब है जबकि निगम अधिकारी स्थानीय लोगों की ओर से परकोटे से सटाकर निर्माण करने पर कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि निगम अधिकारी की ओर से ही अवैध निर्माण करने पर इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। पड़ताल में सामने आया है कि विवाद होने के बाद यह अवैध निर्माण होना सामने आया है। अन्यथा अधिकारी अवैध निर्माण को अंजाम भी दे देते। इंजीनियरों की बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद भी निगम के उच्च अधिकारियों ने अभी तक एक्सईएन, एईएन और जेईएन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। अधिकारियों ने नोटिस जारी करके खानापूर्ति कर दी है। उधर…विवाद के बाद निगम की ओर से पूरे मामले की जांच के लिए चार सदस्यों की कमेटी गठित की। कमेटी उपायुक्त मनोज शर्मा के नेतृत्व में गठित की। इसमें एडिशन चीफ इंजीनियर, सुपरिटेंड, एक्सईएन प्रोजेक्ट और डीटीपी सदस्य है।
अभी तक नहीं की कार्रवाई; निगम; मॉनिटरिंग फेल, परकोटे की दीवार से छोड़नी थी 5 मीटर दूरी, सटाकर किया निर्माण


