मझौली-पिपरिया मार्ग केवई नदी किनारा अवैध खनन का बना अड्डा

मझौली-पिपरिया मार्ग केवई नदी किनारा अवैध खनन का बना अड्डा
अनूपपुर।
जिले के बिजुरी थाना अंतर्गत मझौली-पिपरिया मार्ग के केवई नदी के किनारे कोयले का अवैध खनन खुलेआम दिनदहाड़े जारी है। इस अवैध खनन को संचालित करने में मंसूरी भाईजान के सिंडिकेट का नाम सामने आ रहा है। अवैध खदानों का संचालन बड़े पैमाने पर हो रहा है, जो न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में किसी बड़ी घटना को आमंत्रण दे सकता है।
अवैध खदानों का खतरा
सूत्रों के अनुसार, इन अवैध खदानों के निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। कभी भी इन खदानों में धंसाव जैसी बड़ी घटना हो सकती है, लेकिन ऐसा लगता है कि जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनन के दौरान सुरक्षा व नियमों का उल्लंघन कर नदी के किनारे बड़े गड्ढे बना दिए गए हैं।
कोल माफियाओं का दबदबा
कोल माफियाओं द्वारा सिंडिकेट के दम पर प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत का भी संदेह जताया जा रहा है। मंसूरी भाईजान और उनके सहयोगी बड़े पैमाने पर अवैध खनन और तस्करी को अंजाम दे रहे हैं। इस कार्य में स्थानीय मजदूरों का भी शोषण हो रहा है।
प्रशासन की भूमिका पर सवाल
स्थानीय निवासियों ने इस मामले को कलेक्टर महोदय और पुलिस अधीक्षक के समक्ष उठाने की मांग की है। यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के चलते कोल माफिया क्षेत्र में और अधिक सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा खींची गईं तस्वीरें इस अवैध खनन की पुष्टि करती हैं। इन तस्वीरों में खदानों की स्थिति और अव्यवस्थित खनन स्थल साफ दिखाई दे रहे हैं। यदि अब भी कार्रवाई नहीं की गई, तो पर्यावरणीय क्षति और जनहानि की संभावना बनी रहेगी।
जनता की मांग
क्षेत्रीय जनता ने कलेक्टर महोदय और उच्च प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की अपील की है। अवैध खनन रोकने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की जा रही है। प्रशासन को चाहिए कि क्षेत्र का निरीक्षण कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करे और अवैध खदानों को बंद कराए।

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