करौली में राष्ट्रीय मठ मंदिर संघ ने मठ-मंदिरों की भूमि पर कथित अतिक्रमण के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और पुजारी परिवारों को सुरक्षा देने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि मंदिरों की भूमि पर लगातार कब्जे हो रहे हैं, जिससे महंतों, संतों और पुजारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने आरोप लगाया कि भूमाफिया मंदिरों की जमीन हड़पने का प्रयास कर रहे हैं और कई मामलों में राजस्व तथा प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। संघ ने जिला प्रशासन से राज्य सरकार के परिपत्र और राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 91 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। इसके साथ ही, जब तक संबंधित पुजारियों को भूमि का कब्जा नहीं मिल जाता, तब तक तहसीलदार स्तर पर रिसीवर नियुक्त करने की अपील भी की गई। ज्ञापन में टोडाभीम, हिण्डौन और सपोटरा तहसील के कई मंदिरों की भूमि का उल्लेख किया गया। इनमें ग्राम चौड्या मॉचडी स्थित श्री नृसिंह जी मंदिर की विभिन्न खसरा नंबरों की भूमि, जाट की सराय में श्री कल्याण जी महाराज मंदिर, खेडा जमालपुर में श्री ठाकुर जी मनोहर जी मंदिर, जाखौदा में श्री पुरुषोत्तम बिहारी जी मंदिर और जीरोता में श्री भूरिया नरसिंह जी सुमेरा मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा किला उंटगिर स्थित सीताराम जी मंदिर की भूमि पर धारा 145 की कार्रवाई लंबित होने का मामला उठाते हुए रिसीवर नियुक्त करने की मांग की गई। वहीं, ग्राम मॉचडी के श्री सीताराम जी मंदिर की भूमि पर फसल कटाई के दौरान विवाद की आशंका जताते हुए महंत परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है।
संघ ने ज्ञापन में यह भी कहा कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन तहसील स्तर पर कार्रवाई में देरी हो रही है। संघ ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर मंदिरों की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और स्थायी समाधान सुनिश्चित करने की अपील की।


