मणिपुर के दो गांवों में कर्फ्यू:नगा महिला पर हमले के बाद से तनाव, असम राइफ्लस के कैंप पर भीड़ का हमला

मणिपुर के कांगपोक्पी जिले के दो पड़ोसी गांवों कंसाखुल और लेइलोन वैफेई में शनिवार को कर्फ्यू लगा दिया गया। दोनों गांवों और उनके आसपास के इलाकों में लोगों की आवाजाही पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। एक गांव के कुकी युवाओं के दूसरे गांव की एक नगा महिला पर कथित हमले के बाद से यहां तनाव है। वहीं, कामजोंग जिले के होन्गबाई इलाके में शनिवार को एक भीड़ ने असम राइफल्स के अस्थायी कैंप पर हमला कर उसे नष्ट कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक जवानों ने घर निर्माण के लिए लकड़ी ले जाने से रोका था। इससे वे लोग नाराज थे। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए जवानों ने आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग की। एक हफ्ते से ज्यादा समय से जारी है हिंसा कांगपोकपी जिले में हिंसा बीते एक हफ्ते से ज्यादा समय से जारी है। 3 जनवरी को कुकी समुदाय के लोगों ने कांगपोकपी पुलिस अधीक्षक (SP) ऑफिस पर हमला कर दिया था। इसमें SP मनोज प्रभाकर समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अधिकारियों ने बताया था कि कुकी लोगों की मांग इंफाल पूर्वी जिले के बॉर्डर पर मौजूद गांव सैबोल से सुरक्षाबल को हटाने की है। समुदाय का आरोप है कि SP ने सेंट्रल फोर्स को गांव से बाहर नहीं निकाला है। सीएम ने कहा था- कुकी-मैतेई आपसी समझ बनाएं
मणिपुर के सीएम बिरेन सिंह ने 25 दिंसबर को कहा था- मणिपुर को तत्काल शांति की जरूरत है। दोनों समुदायों (कुकी-मैतेई) आपसी समझ बनाएं। बीजेपी ही मणिपुर को बचा सकती है, क्योंकि वो ‘एक साथ रहने’ के विचार में विश्वास करती है। उन्होंने कहा था कि आज मणिपुर में जो कुछ हो रहा है उसके कई कारण हैं। आज जो लोग राज्य को बांटने की कोशिश कर रहे हैं, वे पूछ रहे हैं कि सरकार क्या कर रही है। लोग सत्ता के भूखे हैं। हम किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं हैं। भाजपा का रुख स्पष्ट है। हमने पुलिस और लोगों के बीच संबंध बनाने शुरू कर दिए हैं। सीएम ने कहा- हमने कभी कोई गलत काम नहीं किया। हम केवल आने वाली पीढ़ियों को बचाना चाहते हैं। दोनों समुदायों को शांत रहने की जरूरत है। अतीत को देखने के बजाय हमें NRC प्रक्रिया पर ध्यान देने की जरूरत है। हम लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना काम जारी रखेंगे। प्रशांत कुमार सिंह मणिपुर लौटे, मुख्य सचिव बनने की संभावना
सीनियर IAS प्रशांत कुमार सिंह मणिपुर के मुख्य सचिव बन सकते हैं। 1993 बैच के आईएएस अधिकारी को मणिपुर सरकार के अनुरोध पर उनके मूल कैडर में वापसी को मंजूरी दी गई है। फिलहाल वह नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय में सचिव हैं। ………………………….. मणिपुर हिंसा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… CM बीरेन सिंह बोले- मुझे माफ करें, गलतियों से सीखना होगा मणिपुर के CM बीरेन सिंह ने राज्य में हुई हिंसा और उसमें हुई जनहानि को लेकर 31 दिसंबर को माफी मांगी थी। बीरेन सिंह ने कहा था कि पूरा साल बहुत दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। इसका मुझे बहुत दुख है। 3 मई 2023 से लेकर आज तक जो कुछ भी हो रहा है, उसके लिए मैं राज्य के लोगों से माफी मांगता हूं। पूरी खबर पढ़ें…

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