कांकेर जिले के ग्राम अमोड़ी में मतांतरित महिला के मौत के बाद उसके कफन-दफन को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। महिला का शव दुर्गूकोंदल अस्पताल की मर्चुरी में रखा गया है। मामले में मतांतरित ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर समाधान की मांग की है। मामला दुर्गूकोंदल थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत अमोड़ी निवासी कमलेश मंडावी की पत्नी संबाई (34) का 24 फरवरी की सुबह करीब 8 बजे निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उन्हें सांस और हृदय संबंधी समस्या थी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। वर्तमान में उनका पार्थिव शरीर दुर्गूकोंदल अस्पताल की मर्चुरी में रखा हुआ है। गांव में दफनाने का विरोध, ‘घर वापसी’ की शर्त कमलेश मंडावी ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ लोग उनकी पत्नी के शव को गांव की सीमा के भीतर दफनाने से रोक रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक महिला की ‘घर वापसी’ हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार नहीं की जाएगी, तब तक गांव में शव दफनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कमलेश ने बताया कि जब वे शव घर लाए और गांव वालों से दफनाने की अनुमति मांगी, तो कुछ लोगों ने शव दफनाने पर उसे उखाड़ देने की धमकी दी। प्रशासन से लगाई गुहार, पुलिस सुरक्षा की मांग कमलेश मंडावी ने इस संबंध में एसडीओपी अंतागढ़ से मुलाकात की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाया है। उन्होंने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में मांग की है कि पार्थिव शरीर को ग्राम के सार्वजनिक कब्रिस्तान या निजी भूमि में दफनाने की तत्काल अनुमति दी जाए। शांतिपूर्ण दफन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। धमकी देने और अवरोध उत्पन्न करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए। ग्रामीण मोहन ग्वाल ने भी बताया कि शव दफनाने नहीं दिया जा रहा है और वे प्रशासन से कब्रिस्तान की व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार सम्मानपूर्वक होना चाहिए और वे निर्णय प्रशासन पर छोड़ रहे हैं। मीणों का पक्ष: ‘गांव अपवित्र होने’ की आशंका वहीं गांव के अन्य ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पहले गांव में बैठक की गई थी, जिसमें मतांतरित परिवार को मूल धर्म में वापसी के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन परिवार ने सहमति नहीं दी। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में शीतला माता सहित अन्य देवी-देवताओं की स्थापना की गई है। उनका कहना है कि भिन्न रीति-रिवाज से गांव की सीमा में शव दफनाने से गांव ‘अपवित्र’ हो जाएगा। कलेक्टर-एसपी की बैठक में होगा समाधान मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप किया है। कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि गुरुवार को इस मुद्दे के निराकरण के लिए कलेक्टर और एसपी संयुक्त बैठक करेंगे, ताकि सभी पक्षों से चर्चा कर शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके।


