मथुरा में निलंबित प्रधान अध्यापक को मिला बहाली पत्र:स्कूल में नमाज पढ़ाने और राष्ट्रगान न कराने के आरोप लगे थे

मथुरा के नौहझील स्थित प्राथमिक विद्यालय के निलंबित किए गए प्रधान अध्यापक को बहाली पत्र दे दिया गया। मथुरा BSA ऑफिस पर बहाली पत्र मिलते ही शिक्षक संघ में खुशी छा गई। शिक्षक संघ ने निष्पक्ष जांच करने और प्रधान अध्यापक को सवेतन बहाली पत्र देने पर उनका आभार जताया। प्रधान अध्यापक पर भाजपा नेता ने स्कूल में नमाज पढ़ाने और राष्ट्रगान न करने के आरोप लगाए थे। BSA ने दिया बहाली पत्र सोमवार को मथुरा की बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने नौहझील प्राथमिक विद्यालय के निलंबित किए गए प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद को बहाली पत्र दे दिया। बहाली पत्र मिलते ही प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद के चेहरे पर खुशी छा गई। उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी का आभार जताया। उनके साथ मौजूद शिक्षकों ने BSA को गुलदस्ता देते हुए निष्पक्ष जांच करने के लिए धन्यवाद दिया। प्रधान अध्यापक ने BSA को दिया धन्यवाद बेसिक शिक्षा अधिकारी के ऑफिस पर बहाली पत्र मिलने के बाद प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद खुश नजर आए। प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद ने बताया उनके ऊपर जो आरोप लगाए थे वह निराधार निकले। उन्होंने कहा कि जिस तरह के गंभीर आरोप लगाए गए थे उनको देखने के बाद अगर BSA की जगह में होता तो वही करता जो BSA ने किया। जान मोहम्मद ने कहा कि वह उस व्यक्ति को जानते भी नहीं है जिन्होंने शिकायत की थी। आरोप गंभीर थे इसलिए की थी कार्यवाही प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद को बहाली पत्र देने के बाद BSA रतन कीर्ति ने बताया कि आरोप गंभीर थे इसलिए निलंबित किया था। लेकिन दो सदस्यीय जांच टीम ने मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण किया,लोगों ने प्रधान अध्यापक के पक्ष में सबूत दिए,शपथ पत्र दिए। जिसके बाद उनको उसी स्कूल में बहाल कर दिया जहां वह तैनात थे। यह था मामला नौहझील प्राथमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद पर बाजना कस्बे के भाजपा के मंडल अध्यक्ष दुर्गेश प्रधान ने 30 जनवरी को बेसिक शिक्षा अधिकारी को शिकायती पत्र देते हुए आरोप लगाए थे कि वह स्कूल में बच्चों को नमाज पढ़ाते हैं,राष्ट्रगान नहीं करते। इनकी मौजूदगी में दूर दूर से मुस्लिम तब्लीगी आते हैं। भाजपा नेता की शिकायत पर BSA रतन कीर्ति ने 31 जनवरी को जान मोहम्मद को निलबित कर दिया था। प्रधान अध्यापक जान मोहम्मद के निलंबन के बाद स्कूल के बच्चे,शिक्षक और ग्रामीण उनके पक्ष में आ गए और आरोपों को बेबुनियाद,निराधार और राजनीति से प्रेरित बताया था।

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