मथुरा के ब्रज में बसंत पंचमी से होली की शुरुआत हो जाती है। इस दिन पुजारियों ने पहले भगवान के गालों पर गुलाल लगाया। फिर प्रसादी गुलाल भक्तों पर डालकर ब्रज की होली महोत्सव की शुरुआत की। भगवान को गुलाल लगाने का यह सिलसिला 40 दिन तक चलता रहता है। श्रद्धालु भक्ति में डूबकर झूमने लगे हैं। “आज ब्रज में होली रे रसिया” के गीतों से मंदिर परिसर गूंज रहे हैं। होली की असली खुमारी की शुरुआत बरसाना की लड्डू होली से होती है। होली से 8 दिन पहले लड्डू होली खेली जाती है। यहां मंदिर से भक्तों के ऊपर लड्डू फेंकते हैं। इसके अगले दिन लट्ठमार होली खेली जाती है। बरसाना की लट्ठमार होली के अगले दिन नंदगांव में लट्ठमार होली खेली जाती है। इस बार कैसा होगा महोत्सव? लड्डू होली और लट्ठमार होली कब खेली जाएगी? यह जानने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें …।


