भास्कर न्यूज | सिरोही किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से आत्मा सभागार में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। इसमें वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन विषय पर आयोजित कार्यशाला में जिले के 50 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया और इस व्यवसाय की बारीकियों को सीखा। प्रशिक्षण की शुरुआत में उद्यान विभाग के उप निदेशक डॉ. हेमराज मीना ने बताया कि सिरोही जिले की जलवायु मधुमक्खी पालन के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने विभाग द्वारा दिए जाने वाले अनुदान और सरकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कुमार खीची ने मधुमक्खियों के जीवन चक्र और उनके वैज्ञानिक प्रबंधन के बारे में बताया। सहायक निदेशक डॉ. पन्नालाल चौधरी ने बताया कि जिले की प्रमुख फसलों के बीच मधुमक्खी पालन करने से न केवल शहद मिलता है, बल्कि परागण के कारण फसलों की पैदावार में भी भारी बढ़ोतरी होती है। डॉ. प्रदीप सिंह राठौड़ ने मंच का संचालन किया। प्रशिक्षण प्रभारी राकेश कुमार नोगिया, कान सिंह चंपावत आदि मौजूद थे।


