मध्य प्रदेश में 12.8% सालाना बढ़ रहा ओरल कैंसर:भोपाल में 71.7% कैंसर तंबाकू के कारण; GMC में हुआ डेंटिस्ट का प्रशिक्षण कार्यक्रम

मध्य प्रदेश में ओरल कैंसर के मामलों में हर साल लगभग 12.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह आंकड़ा स्वास्थ्य तंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए गांधी चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) में नेशनल हेल्थ मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम (मुख) के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में प्रदेश के जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ शासकीय दंत चिकित्सकों और नोडल अधिकारियों ने भाग लिया। डेंटल सर्जरी विभाग की डॉक्टर ने बताया कि प्रदेश में ओरल कैंसर के मामलों में हर वर्ष 12.8 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। भोपाल में लगभग 71.7 प्रतिशत कैंसर तंबाकू के सेवन के कारण होते हैं। पुरुषों में 54.7 प्रतिशत कैंसर तंबाकू से जुड़े होते हैं, जबकि महिलाओं में यह आंकड़ा 17 प्रतिशत है। भोपाल मुंह के कैंसर के मामलों में राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर है। देश में महिलाओं में जीभ के कैंसर की सर्वाधिक दर भोपाल में पाई गई है, जो 4.1 प्रति लाख जनसंख्या है। पुरुषों में मुंह के कैंसर की दर लगभग 15.9 प्रति लाख है। ऐसे में रोकथाम संबंधी उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन और जनजागरूकता अभियान बेहद आवश्यक हैं, ताकि इस बढ़ते खतरे पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।
दंत चिकित्सकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान दंत चिकित्सकों को बेसिक लाइफ सपोर्ट, मेडिको-लीगल जिम्मेदारियों और तंबाकू से होने वाले रोगों की पहचान व रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। केंद्र सरकार द्वारा संचालित टोबैको सेसेशन क्लिनिक (TCC) की कार्यप्रणाली और उसके प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए, ताकि चिकित्सक अपने-अपने जिलों में इन कार्यक्रमों को मजबूती से लागू कर सकें। शुरुआती पहचान में अहम भूमिका दंत शल्य चिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनुज भार्गव ने बताया कि मुख कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान में दंत चिकित्सकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन की रोकथाम और समय रहते जांच के माध्यम से इस गंभीर बीमारी पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है। इन विशेषज्ञों की रही मौजूदगी प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में गांधी चिकित्सा महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. कविता एन. सिंह का विशेष मार्गदर्शन रहा। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. अशोक खंडेलवाल भी उपस्थित रहे। उन्होंने दंत चिकित्सकों से उनके जिलों में संचालित तंबाकू निषेध केंद्रों और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।

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