मंगलवार को कोरबा में मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अनुमति लेकर रैली निकाली और कलेक्ट्रेट का घेराव करने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा की पहली घेराबंदी पार कर ली, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। सभी कार्यकर्ताओं को मौके पर ही रोक लिया गया। सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि मनरेगा एक अच्छी योजना थी जिसे मौजूदा सरकार बंद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले किसानों का विरोध किया गया और अब ग्रामीणों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है, जिसके खिलाफ उन्हें लड़ाई लड़नी पड़ेगी।
सरकार महात्मा गांधी के नाम को खत्म करना चाहती है पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मनरेगा से लाखों लोगों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मिल रहा था, लेकिन अब इस योजना को बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। जयसिंह अग्रवाल ने आगे कहा कि मनरेगा को बंद करके सरकार महात्मा गांधी के नाम को खत्म करने का संदेश देना चाहती है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया। मांगों का ज्ञापन लिया गया एडिशनल एसपी लखन पटले ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को केवल उस स्थान तक आने की अनुमति दी गई थी, जहां तक वे आ सकते थे। मौके पर उनसे उनकी मांगों का ज्ञापन ले लिया गया। जिला प्रशासन की ओर से डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज ने पुष्टि की कि कांग्रेस पार्टी ने मनरेगा के नाम परिवर्तन के विरोध में प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है।


