मनीष कुंजाम बोले- देवजी ने हिड़मा को मरवाया:ताड़मेटला-झीरम घटना में हिड़मा का हाथ नहीं, आंध्रा के नक्सलियों ने बस्तर के लड़कों को बदनाम किया

बस्तर में आदिवासी लीडर और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा कि आंध्र प्रदेश में फेक एनकाउंटर में हिड़मा मारा गया है। नक्सली लीडर देवजी ने ही उसे मरवाया है। उसने बाकी 50 लोगों को अरेस्ट करवा दिया है। वो खुद बचकर निकल गया है। अब वो आंध्र प्रदेश सरकार का मेहमान बनकर रह रहा है। मनीष कुंजाम का कहना है कि झीरम घाटी हमले में हिड़मा का हाथ नहीं था। बस्तर में हुई सारी बड़ी घटनाओं का मास्टरमाइंड हिड़मा को बताया गया है, जबकि आंध्रा के नक्सली यहां हमला करवाते हैं। यहां के लड़कों को बदनाम करते हैं और खुद बच जाते हैं। मनीष कुंजाम ने लगाए गंभीर आरोप दरअसल, मनीष कुंजाम ने सुकमा जिले में प्रेस वार्ता ली। इस दौरान उन्होंने हिड़मा के एनकाउंटर पर सवाल खड़े किया हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें मरवाने और पकड़वाने के लिए देवजी ने षड्यंत्र रचा था। सभी को लेकर आंध्र प्रदेश गए। वहां की पुलिस ने हिड़मा को कहीं और मारा और उसकी लाश को कहीं और लाकर रख दिया। नाटकीय ढंग से इसे मुठभेड़ करार देने की कोशिश की गई। हिड़मा को पकड़कर मारा गया है। मुठभेड़ फर्जी है। मनीष ने कहा कि, हिड़मा को मरवाने के बाद बस्तर में घटी सारी घटनाओं का मास्टरमाइंड हिड़मा को बता दिया गया। ताड़मेटला में 76 जवानों की हत्या का मास्टरमाइंड भी हिड़मा को बताया गया, जबकि उस समय उस इलाके का सब जोनल सेक्रेटरी रमन्ना था। सरकार सबूत मिटा रही तो फिर हिड़मा मास्टरमाइंड कहां से हो गया? हिड़मा जोनल कमेटी में जरूर आया था लेकिन तब ये नया था। मनीष कुंजाम ने कहा कि, आंध्र प्रदेश की सरकार और पुलिस सारे सबूत मिटा रही है। जिसके बाद ही मीडिया को वहां जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ये बड़ा सवाल है कि क्या 50-50 नक्सली एक साथ अरेस्ट होने के लिए वहां जाएंगे? इसपर विचार किया जाना चाहिए। जिन्हें पकड़ा गया है सभी बस्तर के सुकमा और बीजापुर जिले के हैं। देवजी ने अपना वजूद बढ़ाने के लिए ही ऐसा किया है।

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