मनेन्द्रगढ़ के आमाखेरवा क्षेत्र में गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क का लोकार्पण किया गया। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने पार्क का उद्घाटन किया। डीएफओ मनीष कश्यप के अनुसार, यह पार्क 29 करोड़ वर्ष पुराने समुद्री जीवन के अवशेषों का संरक्षण स्थल है। हसदेव नदी के तट पर स्थित इस स्थल पर प्राचीन समुद्री जीवों के जीवाश्म आज भी सुरक्षित हैं। पार्क में 35 जीवाश्म संरचनाओं की प्रतिकृतियां स्थापित की गई हैं। इनमें से कई मूर्तियां राजस्थान सहित अन्य राज्यों के मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई हैं। पर्यटकों के लिए बम्बू राफ्टिंग, वुडिंग और पैडल वॉकिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। 1954 में हुई थी इस पार्क की खोज जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए मंकी टेल, डेंगन बेलिया और कैप्स जैसी दुर्लभ प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। इस पार्क की खोज 1954 में भूवैज्ञानिक एसके घोष ने कोयला खनन के दौरान की थी। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिमा यादव और नई लेदरी नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र राणा भी उपस्थित थे। समारोह की शुरुआत छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन से हुई।


