प्रदेश में औद्योगिक निवेश बढ़ाने में सरकार जुटी है, लेकिन यहां व्यापारी कुछ नीतियों के कारण परेशान हैं। कारण, मप्र में अन्य राज्यों के मुकाबले सुविधाएं कम एवं खर्चे ज्यादा होना है। इनमें सुधार की मांग को लेकर मालनपुर उद्यम संघ ने एमपीआईडीसी (मध्यप्रदेश इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कार्पोरेशन) को पत्र लिखा है। पत्र में बताया है कि प्रदेश में पीएनजी पर वैट 14% है, जबकि अन्य राज्यों में ये 60% तक कम है। इस कारण प्रदेश में उत्पादित माल अन्य राज्यों की तुलना में महंगा होता है। इस वजह से इसका प्रोडक्शन नहीं बढ़ पा रहा है। उद्यम संघ ने ये परेशानियां गिनाईं प्रॉपर्टी टैक्स : एमपीआईडीसी, प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए लीज रेंट और डेवलपमेंट शुल्क लेती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें निगम को प्रॉपर्टी टैक्स चुकाना पड़ता है। लाइसेंस नवीनीकरण की फीस अधिक : प्रदेश में समीपवर्ती राज्यों की तुलना में फैक्ट्री लाइसेंस रिन्यूवल फीस, एयर एंज कॉन्सेंट नवीनीकरण के लिए हर साल ली जाने वाली फीस बहुत अधिक है। टोल प्लाजा: मालनपुर से पहले टोल प्लाजा है। फैक्ट्री आने वाले वाहन कॉमर्शियल होते हैं, लेकिन उनको कोई छूट नहीं दी जाती है। । फायर एनओसी: हर 3 साल में उद्योगों से ली जाती है। जबकि एक्ट में 2 साल में ऑन साइट इमरजेंसी प्लान को औद्यौगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग से अप्रूव कराना होता है। बिजली: प्रदेश में प्रति यूनिट बिजली की दर अन्य राज्यों से अधिक है। यह परेशानियां भी गिनाईं एमपीआइडीसी ने कहा- व्यापारियों की समस्या शासन को बताएंगे एमपीआईडीसी ग्वालियर के कार्यकारी संचालक प्रतुल चंद्र सिन्हा उद्यम संघ की मांग पर कहा.. उद्यमियों का पत्र मिला है। इस संबंध में व्यापारी और उद्योगपतियों की समस्याओं से शासन को भेजा जाएगा।


