मप्र में 27 अक्टूबर से शुरू हुई SIR में सर्जरी:सुनवाई के बाद 8.49 लाख नाम ही लौटे, 34.25 लाख बाहर

मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई। अब मध्यप्रदेश में कुल 5 करोड़ 39 लाख 81 हजार 65 मतदाता दर्ज हैं। प्रदेश में 27 अक्टूबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया लगभग चार महीने चली। 23 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट सूची में 5 करोड़ 31 लाख 31 हजार 983 मतदाता थे। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद कुल 10 लाख 85 हजार दावे-आपत्तियां प्राप्त हुईं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि सुनवाई के बाद 2 लाख 36 हजार 331 नाम हटाए गए, जबकि 8 लाख 49 हजार 82 नए मतदाता जोड़े गए। मृत, दो जगह पंजीकृत और स्थायी रूप से अनुपस्थित मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। यानी 34 लाख 25 हजार 78 नाम बाहर हो गए। अंतिम सूची के अनुसार, अब प्रदेश में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक पुरुष और 2 करोड़ 60 लाख 75 हजार 186 महिला मतदाता हैं। राजनीतिक दलों को अंतिम सूची उपलब्ध करा दी गई है। कुछ क्षेत्रों में नाम हटाए जाने को लेकर आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिन पर निर्वाचन कार्यालय विचार करेगा। सबसे अहम सवाल : अंतिम सूची में भी मेरा नाम नहीं है, क्या करूं? चुनाव तक नाम जुड़वाने का मौका… 2003 का रिकॉर्ड देना होगा उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने बताया कि अंतिम वोटर लिस्ट के प्रकाशन के बाद भी नए वोटर्स के नाम जुड़ते रहेंगे। लेकिन 2003 का रिकॉर्ड देना होगा उसके बाद ही नाम जोड़ा जाएगा। सीएम की विधानसभा में बढ़े 4462 वोटर बढ़े 1. उज्जैन दक्षिण : सीएम डॉ. मोहन यादव की सीट में पहले ड्राफ्ट की तुलना में वोटर्स की संख्या 2,36,166 से बढ़कर 2,40,628 हो गई है। यानी यहां 4,462 नए वोटर जुड़े।
2. राऊ : पीसीसी चीफ जीतू पटवारी की सीट में मतदाता संख्या 3,24,650 से बढ़कर 3,38,544 पहुंच गई है। यहां 13,894 मतदाता बढ़े, जो 4.28% की वृद्धि है।
3. बैतूल : भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सीट में वोटर्स 2,48,387 से बढ़कर 2,51,613 हुई है। 3,226 नए वोटर जुड़े।
4. डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल की रीवा सीट में 3.42% वोटर बढ़े। वहीं डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा की सीट मल्हारगढ़ में 1.68% वोटर्स बढ़े। भोपाल में SIR के बाद 16,87,033 मतदाता थे, जो◦ अंतिम सूची में 17,45,453 मतदाता हो गए। यानी कुल 58,420 वोटर्स बढ़े। हालांकि, एसआईआर से पहले की तुलना करें तो यहां कुल 3,72,911 मतदाताओं की कमी दर्ज हुई। इंदौर जिले में अंतिम ड्राफ्ट में सबसे अधिक 70 हजार वोटर्स बढ़े पर एसआईआर से पहले की तुलना करें तो कुल 3,80,298 वोटर कम हुए।

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