5 महीने की जुड़वां बेटियों को इतनी ताकत से फर्श पर पटका कि दोनों की खाेपड़ी की सारी हडि्डयां टूट गईं। जिस तरफ से सिर फर्श से टकराया था, उस तरफ कपाल में गहरा गड्ढा हो गया। चेहरे की हड्डी भी टूट गई। चेहरे बुरी तरह सूजे हुए थे। कोई अपने खिलौनों के साथ भी इतना क्रूर नहीं होता, जैसा सलूक अशोक कुमार यादव (30) ने अपनी 5 महीने की मासूम जुड़वां बेटियों (नव्या और निधि) के साथ किया। वजह- एक बेटी के बाद बेटा चाहिए था, लेकिन हो गईं दो बेटियां। सीकर के नीमकाथाना इलाके में अशोक यादव के घर में 27 मार्च की दोपहर जो कुछ हुआ, वह दिल दहला देने वाला था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… दोपहर करीब 3 बजे का वक्त था। रोज की तरह अशोक की पत्नी अनिता सास बनारसी देवी के ताने सुन रही थी-बेटियां दी है, मेरे बेटे का वंश आगे कैसे बढ़ेगा? उस दिन अनीता ने सास को पलटकर जवाब दे दिया। अशोक ने अपनी मां बनारसी देवी के उकसाने पर अनीता को पीट दिया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ। पास ही लेटी नव्या को अशोक ने पैर से खींचा। हवा में उठाया और पूरी ताकत से फर्श पर दे मारा। नव्या का नन्हा शरीर एक बार फिर उठाया और दोबारा पटक दिया। यह सब देखकर अनीता और उसकी पांच साल की बेटी लक्ष्या सन्न रह गए। अनीता ने नव्या को संभालने की कोशिश की तो उसकी सास ने उसे धमका दिया। अनीता किसी से मदद मांगने गई। इसी दौरान अशोक ने दूसरी बेटी निधि को भी उसी बेरहमी से मार डाला। पांच साल की लक्ष्या बेबस खड़ी चुपचाप यह सब देखती रही। अब यही मासूम अपने दोनों बहनों की हत्या की इकलौती चश्मदीद गवाह है। पुलिस की पूछताछ में लक्ष्या ने बताया- पापा ने पहले मम्मी से झगड़ा किया। फिर उन्हें मारा। इसके बाद दोनों गुड़ियों (बहनों) को फर्श पर पटककर मारा। पुलिस पहुंची तो सास, ससुर और पति चैन से सो रहे थे
अनीता के भाई सुनील ने बताया कि पांच घंटे बाद हमें घटना का पता चला। तब मेरी रिपोर्ट पर पुलिस अशोक के घर गई। पुलिस ने पूछताछ की तो अशोक और उसकी मां बनारसी देवी बेड से गिरने से दोनों बच्चियों की मौत होना बताया। पूछताछ के लिए पुलिस अनीता के ससुर नवलकिशोर यादव, सास बनारसी देवी और और उसके पति अशोक को थाने ले आई। अशोक ने पांच महीने पहले ही कहा था- बच्चियों को मारूंगा
अनीता ने बताया कि बेटे की चाह में अशोक बिलकुल अंधा हो चुका था। 4 नवंबर को कोटपूतली के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में बड़े ऑपरेशन के बाद नव्या और निधि का जन्म हुआ था। नर्स ने दोनों बेटियों को अशोक को दिखाया तो वह आग-बबूला हो उठा। अनीता से बोला- तू एक लड़का नहीं जन (जन्म दे) सकी। अब देखना तुझे और इन दोनों को ट्रक के नीचे कुचलकर मारूंगा। उसने अस्पताल में एक बार भी बच्चियों की तरफ देखा तक नहीं। अनीता ने बताया कि पांच महीने में अशोक उसे लगातार धमकियां दे रहा था- तुझे और इन दो बच्चियों को धोखे से मारूंगा। ट्रक के नीचे कुचलकर या पानी की टंकी में डुबोकर। दूसरी शादी भी करूंगा। आरोपी पिता शिक्षक बनने की तैयारी कर रहा था
अशोक नवंबर, 2016 में अनीता से शादी के बाद से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहा था। 9 साल बाद भी वह बेरोजगार है। अनीता के चार मोबाइल, जिनकी कीमत करीब 70,000 रुपए थी, उसने गुस्से में तोड़ दिए। वह अनीता को फोन पर बात करने से भी रोकता था। गुमराह करते रहे, अनीता पर भी डाला इल्जाम
अनीता के पिता कजोड़मल ने बताया कि हादसे की शाम करीब 8 बजे अनीता के ताऊ ससुर सुरेंद्र यादव का उन्हें फोन आया कि घर में अनहोनी हो गई है। आप घर चले आओ। बार-बार कॉल करने पर ताया ससुर ने यही बताया कि- दोनों बच्चियां बेड से गिर गई हैं। हम लोग हॉस्पिटल लेकर गए तो डॉक्टर ने उन्हें मृत बता दिया। हादसा कैसे हुआ पूछने पर बताया- अनीता बेड से चद्दर खींच रही थी, जिससे बच्चियां फर्श पर गिर गईं। यह बात पिता कजोड़मल के गले नहीं उतरी। उन्होंने अनीता को फोन किया तो हकीकत सामने आई। 17 घंटे बाद निकाला शव
अनीता के भाई सुनील ने बताया- 28 मार्च की सुबह करीब 8 बजे गड्ढे से दोनों बच्चियों के शव निकाले गए। एफएसएल टीम और पुलिसकर्मी भी दोनों शवों को देखकर सहम गए। मेडिकल बोर्ड की देखरेख में शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है, जिसकी रिपोर्ट आनी अभी बाकी है। पूछताछ में बोला होश खो बैठा था, अब पछतावा हो रहा
मामले की जांच कर रहे कोतवाली थाना के एसआई वीरेंद्र सिंह ने बताया- पूछताछ के दौरान अशोक ने कहा कि वह गुस्से में अपने होश खो बैठा था। अब उसे अपने किए पर पछतावा हो रहा है। हत्या करने, सबूत मिटाने, धमकी देने और षड्यंत्र रचने की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। ससुराल में भी बेटी का खर्च उठाते थे
कजोड़मल यादव (अनीता के पिता) ने बताया कि अशोक से अनीता की शादी 11 नवंबर 2016 को हुई थी। अशोक आर्थिक रूप से संपन्न परिवार से है। दहेज को लेकर कभी कोई डिमांड नहीं रही, लेकिन वह अनीता के पिता की माली हालत को लेकर अक्सर तंज कसा करता था। अनीता के मोबाइल का रिचार्ज भी कजोड़मल ही करवाकर देते थे। इसके अलावा अन्य खर्चों के लिए भी अनीता पिता से ही पैसे लेती थी। अनीता बताती हैं कि एक बार सास से बाजार जाने के लिए 100 रुपए मांगे तब उसे बुरी तरह डपट दिया था। तब से कजोड़मल ही बेटी के घर के खर्च भी उठाते थे। परिवार का कहना है कि ससुराल वाले यही कहते थे कि तीन-तीन लड़कियों के बोझ से मेरा बेटा पागल हो जाएगा। यह भी सामने आया कि अनीता की सास ने बेटे को इस तरह अपने कब्जे में किया हुआ था कि दो तीन बार उसने अपने पिता नवलकिशोर यादव पर भी हाथ उठा दिया था। अनीता इस समय बड़ी बेटी लक्ष्या के साथ अपने मायके में रह रही है। उनकी मां बिमला रोते हुए कहती हैं- छोटी-छोटी बच्चियों को इतनी बेरहमी से मारने वाले खूनी दामाद को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। जुड़वां बेटियों के मर्डर की यह खबर भी पढ़िए…
जुड़वा मासूमों को मारने से पहले टीका लगवाया:दादी ने बेटियां होने का ताना मारा, पिता ने बेडरूम से उठाकर जमीन पर पटककर मार डाला एक मां अपनी जुड़वां बेटियों को ‘अपनों’ (पिता) से ही नहीं बचा पाई। मां की आंखों सामने ही एक-एक कर दोनों बेटियों को पिता ने मार डाला। आखिर ऐसा क्या हुआ कि पिता ही मासूम बेटियों का दुश्मन बन गया। क्यों मां सबकुछ देखकर भी असहाय और बेबस बनी रही? पढ़ें पूरी खबर…


