मरवाही के आदिवासी बहुल क्षेत्र कटरा के ढपनीपानी, गवरखोज प्लॉट क्रमांक 1086 में बड़े सरई (साल) वृक्षों की अवैध कटाई का गंभीर मामला सामने आया है। मौके पर चार साल के पेड़ कटे हुए मिले हैं, जिससे वन संपदा की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने गौरेला पेंड्रा मरवाही जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने अवैध पेड़ कटाई के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में आए दिन वन संपदाओं की कटाई होती रहती है। हरे और फलदार वृक्षों के लगातार कटने से वन संपदा के संरक्षण को खतरा बना हुआ है। निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों द्वारा अवैध कटाई के संबंध में वन विभाग के आला अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की शिकायत की जाती है, लेकिन अधिकारियों द्वारा टालमटोल कर फाइलों को दबा दिया जाता है। उच्च अधिकारी अक्सर इसे राजस्व विभाग के पेड़ बताकर पल्ला झाड़ते नजर आते हैं। इससे आदिवासी बहुल ग्रामीण क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों और जागरूक लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने अवैध पेड़ कटाई के मामले में कलेक्टर से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वन परिक्षेत्र मरवाही के कटरा ढपनीपानी गवरखोज में सरई वृक्षों की कटाई के गंभीर विषय पर डिप्टी रेंजर शिवशंकर तिवारी से सवाल किया गया। उन्होंने जवाब देने से इनकार करते हुए कहा कि वे मीडिया के सामने बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। डिप्टी रेंजर ने यह भी कहा कि पेड़ों की कटाई के संबंध में जानकारी देने के लिए वे जिम्मेदार नहीं हैं, और मरवाही वन परिक्षेत्र कार्यालय में मीडिया को जानकारी देने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं है।


