मशरूम से किसानों ने कमाया हजारों रुपए का मुनाफा

भास्कर न्यूज|​गुमला गुमला जिले में विकास की एक नई इबारत लिखी जा रही है। आकांक्षी प्रखंड डुमरी के सुदूरवर्ती औरापाट मॉडल गांव में शुरू की गई मशरूम आजीविका परियोजना अब धरातल पर रंग लाने लगी है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के कुशल मार्गदर्शन में संचालित इस पहल ने ग्रामीणों के जीवन में खुशहाली की नई किरण जगाई है। परियोजना के पहले ही चरण में ऑयस्टर मशरूम की तुड़ाई और बिक्री से लाभुक परिवारों को सीधा नकद मुनाफा प्राप्त हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र के किसानों में उत्साह का माहौल है। ​​लाभुक परिवारों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि इतनी कम लागत और सीमित स्थान में की जाने वाली खेती से इतनी जल्दी और इतनी अच्छी आय प्राप्त होगी। ​500 परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य:​जिला प्रशासन की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत डुमरी प्रखंड के 500 पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) और अन्य जनजातीय परिवारों को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जा रहा है। पहले चरण में औरापाट के 45 परिवारों को मशरूम किट और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया था। अब यह उत्पादन प्रक्रिया एक सुचारू व्यवसाय का रूप ले चुका है।
​इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका बाय-बैक मॉडल है। जिला योजना शाखा द्वारा एपीपी एग्रिग्रेट खूंटी के सहयोग से किसानों को न केवल तकनीकी सहायता और टूल किट उपलब्ध कराई गई है, बल्कि उत्पादित मशरूम को वापस खरीदने की गारंटी भी दी गई है। इससे किसानों को बिचौलियों और बाजार की अनिश्चितता से मुक्ति मिल गई है और उन्हें अपनी उपज का सही मूल्य सीधे प्राप्त हो रही है। आंकड़ों के अनुसार:​ औरापाट: ₹40,000 का मुनाफा, ​चांदीपाठ: ₹15,000 का मुनाफा, ​कंदापाठ: ₹10,000 का मुनाफा, ​चंदावल: ₹14,000 का मुनाफा, ​राहावाल: ₹5,000 का मुनाफा, ​असुरटोली (लाटापानी): ₹2,000 का मुनाफा। ​मशरूम की इस सफलता को बड़े पैमाने पर ले जाने के लिए प्रशासन ने भविष्य की रूपरेखा तैयार कर ली है। आने वाले समय में यहां मशरूम प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की जाएगी। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाया जाएगा। मशरूम की आकर्षक पैकेजिंग और विशेष ब्रांडिंग की जाएगी। मूल्य संवर्धित उत्पाद जैसे मशरूम पाउडर, चिप्स, बड़ी और पापड़ का निर्माण शुरू किया जाएगा ताकि किसानों की आय को दोगुना की जा सके। ​यह परियोजना न केवल पलायन रोकने में मददगार साबित होगी, बल्कि गुमला को मशरूम उत्पादन के एक नए केंद्र के रूप में भी स्थापित करेगी।

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